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वाहन चालक खूब तोड़ते है नियम, लाइसेंस 36 प्रतिशत के ही हुए निरस्त

मौका-ए-सावधान: यातायात व आरटीओ विभाग में सामंजस्य की कमी से नहीं हो पाती सख्त कार्रवाई  

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वाहन चालक खूब तोड़ते है नियम, लाइसेंस 36 प्रतिशत के ही हुए निरस्त

वाहन चालक खूब तोड़ते है नियम, लाइसेंस 36 प्रतिशत के ही हुए निरस्त

इंदौर. बदहाल ट्रैफिक शहर की एक बड़ी समस्या है। स्थिति यह है कि शहर में ट्रैफिक नियम तोडऩे वाले वाहन चालकोंं की संख्या काफी ज्यादा है। ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ के बीच सामंजस्य नहीं होने से सख्ती नहीं हो पाती है। ट्रैफिक पुलिस वाहन चालक पर सख्ती करते हुए लाइसेंस निरस्ती के प्रस्ताव तो खूब भेजती है लेकिन उनमें से सिर्फ 36 प्रतिशत पर ही कार्रवाई हो पाती है।

ट्रैफिक पुलिस द्वारा दिए आंकड़े से यह जानकारी मिलती है कि 2021 में 30 अक्टूबर तक पुलिस ने 7378 लाइसेंस निरस्ती के लिए आरटीओ ऑफिस भेजे थे। वहां से सिर्फ 2720 लाइसेंस ही निरस्त किए गए, शेष में कार्रवाई जारी है। आरटीओ का तर्क है, पुलिस कई मामलों में जुर्माना करने के बाद केस भेजती है। जबकि एक ही बार सजा देने का प्रावधान है, जिन मामलों मेें जुर्माना वसूला गया उन मामलों में लाइसेंस निरस्त नहीं हो सकता।

तीन सालों की स्थिति
वर्ष : गाड़ी चलाते मोबाइल पर बात : शराब पीकर चलाना : रेड लाइट उल्लंघन : तेज गति मामले भेेजे : निरस्त हुए

2019 707 1184 3957 0 5858 1623
2020 536 149 2424 46 3155 1495

2021 584 218 6309 267 7378 2720

सिग्नल तोडऩे के सबसे ज्यादा मामले
पुलिस की चालानी कार्रवाई में सबसे ज्यादा मामले ट्रैफिक सिग्नल तोडऩे के है। सिग्नल तोडऩे पर ही लाइसेंसी निरस्ती के सबसे ज्यादा मामले भेजे जाते है। इस साल भेजे गए 7378 मामलों में सिग्नल तोडऩे के 6309 मामले है।

चालानी कार्रवाई में वसूले 2 करोड़ रुपए

- एक साल में औसतन 400 से ज्यादा मौतें एक्सीडेंट में होती है।

- जिले में 25.79 लाख रजिस्टर्ड है।

- पुलिस अगस्त 2021 तक 49826 चालाना बना चुकी है।
- चालानी कार्रवाई से 22562250 रुपए समन शुल्क वसूला गया।

अफसरों का तर्क

- नियम तोडऩे के मामले बढ़ रहे है। सख्त कार्रवाई के लिए कई मद में लाइसेंस निरस्ती के लिए लिखा जाता है लेकिन कार्रवाई करीब 40 प्रतिशत में ही हो पाती है।
- उमाकांत चौधरी, डीएसपी ट्रैफिक

पुलिस कई बार जुर्माना वसूलने के बाद लाइसेंस निरस्ती के लिए भेज देती है। जुर्माना वसूलने के बाद लाइसेंस निरस्त नहीं किया जाता है जिसके कारण संख्या कम होती है।

- जितेंद्र रघुवंशी, आरटीओ।