
इंदौर। एनजीटी के निर्देश का पालन नहीं करने पर नगर निगम और प्रदूषण बोर्ड ने चोइथराम रोड स्थित मथुरा महल, वृंदावन, किंग्स पार्क और गोकुल मैरिज गार्डन में ताले लगा दिए थे, जो कल खोल दिए गए। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने धरने के बाद कलेक्टर के सामने संचालकों का पक्ष रखा कि जब ये लोग उपकरण लगाने को तैयार हैं, तो गार्डन बंद क्यों कर रखे हैं?
एनजीटी ने गार्डनों में सीवरेज प्लांट डालने और एमएसडब्ल्यूडी कचरे को वहीं खत्म करने के निर्देश दिए हैं। निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सर्वे किया था। १७ जून २०१७ को चोइथराम रोड के मथुरा महल, वृंदावन, किंग्स पार्क और गोकुल गार्डन पर एनजीटी के निर्देशों का पालन न होने पर ताले लगा दिए थे। इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने कलेक्टोरेट में धरना देने के बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े से मुलाकात की। गार्डन संचालक राजेद्रसिंह भुल्लर भी मौजूद थे। कोडवानी ने कहा कि एनजीटी के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने वाले २५० मैरिज गार्डन हैं तो चार पर ताले क्यों लगाए गए? गार्डन संचालक दोनों ही सिस्टम लगाने के लिए तैयार हंै, सुधार करने को राजी हैं, तब भी ताला क्यों नहीं खोला जा रहा। जैसे स्कूल बसों के लिए सभी से बॉन्ड भरवाया गया, वैसे ही गार्डन संचालकों से भरवाया जाए और समय दें। इस पर कलेक्टर ने चारों गार्डन खोलने के आदेश जारी किए।
कहां आ रही अड़चन?
नदी के शुद्धीकरण और सौंदर्यीकरण का काम रुक गया है, जिसको लेकर कोडवानी ने कलेक्टोरेट में धरना दिया। उनके कहने पर सभी विभागों को कलेक्टर ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोडवानी का तर्क था कि कोर्ट ने नदी सफाई के लिए आदेश दे दिया है, निगम ने इसके लिए 350 करोड़ का फंड बना रखा है। मुख्य सचिव ने काम करने के निर्देश दिए हैं, उच्च स्तरीय कमेटी ने सारे बिंदु तय कर दिए हैं, जिसके आधार पर काम होना है। अब निगम को काम करने में अड़चन कहां आ रही है, ये समझ नहीं आ रहा है?
Published on:
18 Apr 2018 11:46 am
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