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इंदौर। प्लाट मालिक का नकली आधार कार्ड बनवाकर जमीन 28 लाख में बेच दी। आरोपियों ने महिला को प्लॉट मालिक बताकर रजिस्ट्री भी करा दी। बोरिंग करवाने के दौरान असली मालिक को खबर लगी तो वह पुलिस के पास पहुंचा। एरोड्रम क्षेत्र के अशोक नगर में महिला अंजू जैन ने वर्ष 1997 में 1000 वर्ग फीट का प्लॉट खरीदा था । 2008 में अंजू ने प्लॉट की रजिस्ट्री देवर सनोज जैन की पत्नी सीमा के नाम कर दी।
व्यापारी सनोज के मुताबिक, 16 अक्टूबर को वे प्लॉट पर गए तो पता चला वहां बोरिंग हो गया है। उन्हें आश्चर्य हुआ कि उनके प्लॉट पर बोरिंग किसने करा दिया ? 20 अक्टूबर को कुछ लोग भूमिपूजन करने आए तो सूचना मिलने पर वे भी पहुंच गए। पता चला कि प्लॉट रमेशचंद्र मित्तल नामक व्यक्ति ने उनकी पत्नी माया व बेटे के नाम खरीदा गया। सनोज उनसे मिले तो मित्तल ने बताया कि प्लॉट अंजू जैन ने बेचा है। रजिस्ट्री की प्रतिलिपि देखी तो पता चला कि अंजू जैन ने रजिस्ट्री की है लेकिन फोटो किसी और महिला का है। फरियादी ने एरोड्रम थाने में शिकायत की।
एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे व टीआइ संजय शुक्ला ने मामले को गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। शुक्ला के मुताबिक, जांच के बाद धोखाधड़ी का केस दर्ज कर शैलेंद्र पिता संतोष वर्मा और ओमप्रकाश यादव दोनों निवासी आदर्श इंदिरा नगर को गिरफ्तार कर लिया। शुक्ला के मुताबिक, छानबीन में पता चला कि प्रॉपर्टी एजेंट का काम करने वाले शैलेंद्र वर्मा ने प्लॉट खाली देख उसकी रजिस्ट्री की कॉपी हासिल कर ली। प्लॉट का सौदा साथी एजेंट ओमप्रकाश की मदद से मित्तल से करीब 28 लाख रुपए में किया। बाद में अंजू जैन के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर दूसरी महिला को फोटो लगवा दिया। उस महिला को अंजू जैन बनाकर रजिस्ट्रार कार्यालय में खड़ा कर रजिस्ट्री भी करा दी। पकड़ाने पर आरोपी सारा दोष ऐसे व्यक्ति पर डाल रहे हैं जिसकी कोरोना से मौत हो चुकी है। आरोपियों का कहना है कि उसी ने फर्जी महिला पेश की और फर्जी रजिस्ट्री करा दी थी।
अमरीका में रहने वाले का प्लॉट भी बेचा
एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे के मुताबिक, आरोपी शैलेंद्र वर्मा पर पहले भी एक धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है और वह जमानत पर है। अमरीका में रह रहे युवक का विद्या पैलेस कॉलोनी में प्लॉट था। उसके यहां रहने वाले पिता ने शिकायत की थी कि बेटे का प्लॉट धोखाधड़ी कर बेचा गया है। इस मामले में शैलेंद्र को पकड़ा गया था। अमरीका निवासी युवक का नकली मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर फर्जी वसीयत के जरिए आरोपी ने प्लॉट एक महिला के नाम कराया और फिर महिला के जरिए किसी को बेच दिया था। इस मामले में अन्य आरोपियों को लेकर छानबीन जारी है।
Updated on:
24 Oct 2021 03:24 pm
Published on:
24 Oct 2021 03:24 pm
