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लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरु, 8 सीटों पर भाजपा का कब्जा, अब कांग्रेस तलाश रही एंट्री के लिए रास्ता !

- उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाकर मजबूती देने का प्रयास- आदिवासी सीटों पर कम था भाजपा की जीत का अंतर, सामान्य लोकसभा में कांग्रेस की हुई थी करारी हार

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BJP

इंदौर। विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव को लेकर बिसात जमाना शुरू कर दी है। मालवा-निमाड़ की सभी आठ सीटों पर भाजपा का कब्जा है तो कांग्रेस अब एंट्री कराने के लिए गली तलाश रही है। उसमें आदिवासी सीट पर उसकी नजर है, क्योंकि मोदी लहर में भी जीत का अंतर यहां पर कम था। उसे पाटने के लिए आदिवासी विधायक उमंग सिंघार को भी नेता प्रतिपक्ष बनाकर पार्टी को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस आलाकमान ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर ओबीसी व युवा चेहरे जीतू पटवारी को जिम्मेदारी दे दी। इसके साथ में एक बड़ा दांव उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाकर किया गया। सिंघार आदिवासी समाज से आते हैं, वहीं मालवा-निमाड़ की आठ में से तीन लोकसभा इस वर्ग के लिए आरक्षित है। सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है, जिसमें से आदिवासी सीट ही ऐसी है जहां पर कांग्रेस के प्रत्याशियों की हार का आकड़ा कम है।

2019 के चुनाव में रतलाम-झाबुआ सीट से कांतिलाल भूरिया करीब 90 हजार वोटों से चुनाव हारे थे तो धार से दिनेश ग्रेवाल 1.55 लाख और खरगोन में डॉ. गोविंद मुजाल्दा 2.02 लाख से चुनाव हारे, जबकि मोदी लहर में बाकी सभी सीटों पर जीत का आकड़ा 2.75 लाख पार था। उसमें इंदौर ने तो 5.46 लाख से जीतकर नया रेकाॅर्ड कायम किया था। मौजूदा विधानसभा चुनाव परिणाम में भी आदिवासी सीटों का सामान्य की तुलना में कम नुकसान हुआ है। 22 में से पहले 17 थी तो 12 रह गई हैं, जबकि सामान्य व अजा सीटों में तो भारी नुकसान हुआ।

आदिवासी बेल्ट को करेंगे मजबूत

कांग्रेस के पास आदिवासी क्षेत्रों में युवा चेहरों की भरमार है। सिंघार के साथ में हनी बघेल, डॉ. विक्रांत भूरिया, डॉ. हिरालाल अलावा, मोंटू सोलंकी जैसे युवा विधायक हो गए। सभी छह माह तक लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे, जिसका कांग्रेस को फायदा मिल सकता है। इसके अलावा कुछ सीट ऐसी भी हैं जो आरक्षित नहीं है, लेकिन वोट बैंक खासा प्रभाव डालता है।

पिछले चुनाव में वोट और इंदौर संभाग की 8 सीटों का हाल

इंदौर

भाजपा - शंकर लालवानी 10,66,824
कांग्रेस - पंकज संघवी 5,20,268
जीत का अंतर - 5,46,556

मंदसौर

भाजपा - सुधीर गुप्ता 8,45,944
कांग्रेस - मीनाक्षी नटराजन 4,70,528
जीत का अंतर - 3,75,416

देवास (अजा)

भाजपा - महेंद्रसिंह सोलंकी 8,60,708
कांग्रेस - प्रहलादसिंह टिपानिया 4,89,757
जीत का अंतर - 3,70,951

उज्जैन (अजा)

भाजपा - अनिल फिरोजिया 7,90,207
कांग्रेस - बाबूलाल मालवीय 4,25,509
जीत का अंतर 3,64,698

खंडवा

भाजपा - नंदकुमार चौहान 8,37,969
कांग्रेस - अरुण यादव 5,64,761
जीत का अंतर 2,73,208

खरगोन (अजजा)

भाजपा - गजेंद्र सिंह पटेल 7,72,221
कांग्रेस - डॉ. गोविंद मुजालदा 5,70,106
जीत का अंतर - 2,02,115

धार (अजजा)

भाजपा - छतरसिंह दरबार 7,21,025
कांग्रेस - दिनेश ग्रेवाल 5,65,687
जीत का अंतर - 1,55,338

रतलाम (अजजा)

भाजपा - गुमानसिंह डामोर 6,94,243
कांग्रेस - कांतिलाल भूरिया 6,04,409
जीत का अंतर - 89,834