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MPPSC- इंदौर सहित चार शहरों में होगी पीएससी 2019 की स्पेशल-मेन्स

- गड़बड़ी रोकने के लिए हर शहर में ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाएंगे

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इंदौर। मप्र लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा 2019 की स्पेशल मेन्स 15 से 20 अप्रेल के बीच होगी। पीएससी ने परीक्षा के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में केंद्र बनाए हैं। गड़बड़ी रोकने के लिए हर शहर में ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाएंगे।

अलग-अलग विभागों के 570 प्रशासनिक पदों पर भर्ती के लिए 2019 की चयन प्रक्रिया चार साल से चल रही है। पीएससी ने हाई कोर्ट के आदेश पर प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित रिजल्ट जारी किया। इसमें ऐसे अभ्यर्थी भी चुने गए हैं, जिन्हें पहले असफलता हाथ लगी थी। पीएससी ने पहले सभी के लिए दोबारा से मेन्स कराने की घोषणा की थी लेकिन, अब ये परीक्षा सिर्फ अतिरिक्त चयनित करीब 2200 अभ्यर्थियों के लिए कराई जा रही है।

वर्षों का इंतजार
ज्ञात हो कि 2018 में उम्मीदवारों के लिए 570 पदों के लिए यह विज्ञप्ति में जारी हुई थी, परंतु इसके बाद यह भर्ती रोस्टर नियम और फिर ओबीसी आरक्षण के चलते अटकी रही। हाईकोर्ट जबलपुर में आयोग को इसमें छह माह में भर्ती करने के निर्देश दिए हुए हैं। वहीं इसका नए सिरे से रिजल्ट जीएडी द्वारा दिए गए 87-13 फार्मूल के बाद अक्टूबर 2022 में जारी हुआ था।

ऐसे में अब यह माना जा रहा है कि परीक्षा होते ही दो माह के भीतर मेन्स का रिजल्ट आ जाएगा और आयोग द्वारा इसके इंटरव्यू भी अगस्त के करीब करा लिए जाएंगे। जिसके बाद इसमें सितंबर तक भर्ती हो सकती है। आपको बताते चलें कि आयोग जारी के द्वारा जारी औपचारिक सूचना के अनुसार राज्य सेवा परीक्षा 2020 के लिए इंटरव्यू अप्रैल के अंत में होंगे।

यानि चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले इस बार आयोग द्वारा साल 2019 और 2020 की परीक्षा की अंतिम भर्ती पूरी कर ली जाएगी, जो कि 87 फीसदी पदों पर होगी, वहीं बाकि 13 फीसदी पदों पर भर्ती ओबीसी आरक्षण पर अंतिम फैसले के बाद ही होगी।

2000 से ज्यादा अभ्यर्थियों देंगे यह परीक्षा
राज्य सेवा परीक्षा 2019 की स्पेशल मेन्स के लिए आयोग के पास 2000 से ज्यादा आवेदन पहुंचे थे। यह सभी वह थे जिन्हें 87-13 के नए फार्मूले के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी प्री में सफल घोषित कर मेन्स के लिए क्वालीफाइ घोषित किया गया था। इसका कारण यह था कि आयोग पहले ही मेन्स आयोजित कर चुका था और हाईकोर्ट ने साफ कर दिया था कि प्री के रिज्लट के आधार पर सभी की मेन्स लेने की जरूरत नहीं है, जो सफल घोषित हो चुके हैं उन्हें छोड़कर नए सिरे से सफल घोषित उम्मीदवारों की ही मेन्स ली जाए। अब यह मेन्स इसके आधार पर नए पास घोषित उम्मीदवारों की हो रही है।