यही वो जगह थी जहां द्रविड़ के कैरियर को एक दिशा मिली, यहां से द्रविड़ ने बुलंदियों को छूना शुरू किया। सूत्रों की मानें तो उनका क्रिकेट के प्रति इतना ज्यादा लगाव था कि जब भी समय मिलता था, वह दोस्तों के साथ घर के गैराज में या फिर खाली प्लॉट में घंटों क्रिकेट खेलने लगते थे।