
indian railway : train journey dangerous for two days
इंदौर. इंदौर से कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन चलने वाली शिप्रा एक्सप्रेस को नियमित करने की मांग अभी अधूरी ही है। जानकारी के अनुसार इस ट्रेन को 15 अगस्त के बाद से नियमित किया जाना था, इसके साथ ही यात्री सहूलियत के लिए पेंट्रीकार भी जोड़ी जाना थी, लेकिन रैक और पेंट्रीकार कोच नहीं मिलने से रेलवे ने इस मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इंदौर से यूपी, बिहार, वेस्ट बंगाल को जोडऩे वाली शिप्रा एक्सप्रेस वर्तमान में मंगलवार, गुरुवार और शनिवार तीन दिन चलाई जा रही है। इस ट्रेने में हमेशा वेटिंग रहती है। ट्रेन में यूपी और बिहार के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक होती है। यह ट्रेन 31 घंटे में इंदौर से कोलकाता पहुंचती है। इसलिए ट्रेन में पेंट्री कार होना जरूरी है। कई वर्षों से ट्रेन को नियमित करने और पेंट्री कार जोडऩे की मांग उठ रही थीं। रेलवे सूत्रों के अनुसार ट्रेन को 15 अगस्त के बाद नियमित करने की तैयारी थी, लेकिन रैक और पेंट्री कार नहीं मिलने के चलते इसे रतलाम मंडल ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि अक्टूबर माह तक ट्रेन में पेंट्री कार लग जाएगी।
परीक्षा स्पेशल तीन दिन और
इंदौर में हो रही सहायक लोको पायलेट परीक्षा के लिए यूपी-बिहार से हजारों परीक्षार्थी आ रहे हैं। इसके चलते इंदौर रेलवे स्टेशन पर दो बार हंगामा हो चुका है। परीक्षा तीन दिन और चलना है, इसलिए आरपीएफ और जीआरपी ने स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई हुई है। बताया जा रहा है कि तीन दिन में सबसे ज्यादा परीक्षार्थी इंदौर आएंगे। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 29, 30 और 31 अगस्त को तीन दिन तक परीक्षा स्पेशल ट्रेन बिहार के लिए रवाना होगी। इस दौरान इंदौर में सहायक लोको परीक्षा के लिए 12 सेंटरों पर हजारों परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। आरपीएफ अफसरों के अनुसार इन तीन दिनों तक पूरे स्टेशन पर विशेष निगरानी की जाएगी। हमारी कोशिश रहेगी कि परीक्षार्थी सीधे प्लेटफॉर्म नंबर पांच-छह पर जाएं, क्योंकि सभी ट्रेनें वहीं से जाएंगी।
Updated on:
27 Aug 2018, 11:58 AM IST
Published on:
27 Aug 2018, 11:08 AM IST
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