ट्विर्ल विद घूमर में आन-बान-शान की झलक के बीच मेंबर्स पर मस्ती का रंग भी चढ़ा। मेंबर्स ने सेल्फी भी क्लिक की। 70 से ज्यादा सोलो परफॉर्मेंस और 10 ग्रुप परफॉर्मेंस हुईं। इसे अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए इसे इंटरनेट पर लाइव किया गया। संस्था गठजोड़ की संस्थापक तृप्ति सिंह ने बताया घूमर सिर्फ नृत्य नहीं, ये राजपूताना संस्कृति का परिचायक भी है। ट्विर्ल विद घूमर का मकसद राजस्थान की लोक संस्कृति से परिचित कराना है।