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कुछ यूं रहा राजपूतों का अंदाज, तलवार पर पहली बार किया घूमर !!!

दुनियाभर से ट्रेडिशनल ड्रेसअप में पहली बार तलवार घूमर में गल्र्स और लेडीज ने राजपूताना शौर्य का प्रदर्शन किया।

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Shruti Agrawal

Dec 20, 2016

traditional look of rajputs

traditional look of rajputs


इंदौर। ट्रेडिशनल ड्रेसअप में अलग-अलग जगहों से आई लेडीज मिलते ही परिवार का हिस्सा बनीं। उन्होंने सामूहिक घूमर डांस के साथ राजपूताना रंगत बिखेरी।

पहली बार हुए तलवार घूमर में गल्र्स और लेडीज ने राजपूताना शौर्य का प्रदर्शन किया। दुनियाभर की राजपूत फैमिलीज ने इस प्रोग्राम का लाइव परफॉर्मेंस इंटरनेट पर देखते हुए कमेंट्स भी किए।





traditional look of rajputs


रविवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में संस्था गठजोड़ ने घूमर विद ट्विर्ल का आयोजन किया। यहां देश के अलग-अलग शहरों से आई लेडीज ट्रेडिशनल राजपूताना ड्रेसअप और एसेसरीज के साथ शामिल हुईं। घूमर डांस और तलवार घूमर डांस के साथ डिफरेंट एंटरटेनिंग एक्टिविटीज भी रखी गई थी।






जैसलमेर से आए उस्ताद खान लांगा की लोक गायकी ने इंदौर में ही राजस्थान का माहौल बना दिया। उन्होंने राजस्थानी लोकगीतों की तान छेड़कर सभी को झूमने के लिए मजबूर किया।

कोटा से हाड़ौती ग्रुप व केसरिया ग्रुप और आगरा से नखराली निमाड़ी ग्रुप ने शानदार परफॉर्मेंसेस दी। इस प्लेटफॉर्म पर शहर में पहली बार तलवार घूमर भी किया गया। इंदौर की ही 15 मेंबर्स ने धारदार तलवार से खतरनाक मूव करते हुए सभी को हैरत में डाल दिया।



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मस्ती का भी चढ़ा रंग

ट्विर्ल विद घूमर में आन-बान-शान की झलक के बीच मेंबर्स पर मस्ती का रंग भी चढ़ा। मेंबर्स ने सेल्फी भी क्लिक की। 70 से ज्यादा सोलो परफॉर्मेंस और 10 ग्रुप परफॉर्मेंस हुईं। इसे अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए इसे इंटरनेट पर लाइव किया गया। संस्था गठजोड़ की संस्थापक तृप्ति सिंह ने बताया घूमर सिर्फ नृत्य नहीं, ये राजपूताना संस्कृति का परिचायक भी है। ट्विर्ल विद घूमर का मकसद राजस्थान की लोक संस्कृति से परिचित कराना है।