
Rudraksha
इंदौर। हिन्दू धर्म में रुद्राक्ष धारण करने का बड़ा ही महत्व माना जाता हैं, दैवीय गुणों से भरपूर रुद्राक्ष को स्वयं भगवान शिव का स्वरुप कहा जाता हैं । वैसे तो रुद्राक्ष कई प्रकार के पाये जाते हैं और सबका अपना अपना महत्व बताया जाता हैं । जो लोग रूद्राक्ष का महत्व जानते हैं और धारण करना चाहते हैं उनके लिए एक छत के नीचे दुर्लभ रूद्राक्ष जुटाए गए हैं। शहर के प्रीतमलाल दुआ सभागृह में बीते कई दिनों से रूद्राक्ष की प्रदर्शनी लगी हुई है। यहां नेपाल के एकमुखी से लेकर इक्कीसमुखी तक के दुर्लभ रूद्राक्ष रखे गए हैं। मुंबई की निजी संस्था ने लोगों का रूद्राक्ष से परिचय और उपलब्ध कराने के लिए प्रदर्शनी लगाई है। यहां 100 रुपए से लाखों तक के रूद्राक्ष मिल रहे हैं।
मान्यता के अनुसार रूद्राक्ष धारण करना व्यक्ति के लिए लाभदायक होता है। संस्था हर वर्ष शहर में दुर्लभ रूद्राक्ष लेकर आती है। इनके पास सिंगल रूद्राक्ष से लेकर माला तक उपलब्ध है। संस्था ने नि:शुल्क परामर्श की व्यवस्था भी की है। रूद्राक्ष के असली-नकली की पहचान भी बताई जा रही है। बड़ी संख्या में लोग यहां आ रहे हैं।
1.80 लाख की रूद्राक्ष माला
एक से इक्कीसमुखी के रूद्राक्ष आते हैं जिनकी कीमत लाखों तक में होती है। प्रदर्शनी में 100 से लेकर 1.80 लाख तक की रूद्राक्ष माला मौजूद है। 1.80 लाख में शिवशक्ति माला देखी जा सकती है। 17 मुखी रूद्राक्ष की कीमत 3 लाख रुपए हैं। इससे ज्यादा मुखी रूद्राक्ष 3 लाख से ऊपर में मिलते हैं, जिसे ऑर्डर देकर बुलवाना पड़ता है।
ऐसे करें असली और नकली में फर्क
अरविंद बनकर और अनूप धामोरे बताते हैं कि एक ही पेड़ में सभी मुख के रूद्राक्ष उगते हैं। किसी भी रूद्राक्ष में ओम, त्रिशुल आदि की आकृति नहीं होती है। जितने मुख का रूद्राक्ष होता है बाहर से उतनी लाइन होती है। अंदर से उतने ही गोलाकार आकृति होती है। अगर रूद्राक्ष के असली-नकली में फर्क करना है तो डेंटल एक्सरे कराया जा सकता है।
Published on:
18 Jul 2022 05:50 pm
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