
खरीफ की फ सल खरीदी के लिए पंजीयन ठंडा
इंदौर. खरीफ की फ सल खरीदी के लिए सरकार ने पंजीयन का काम शुरू कर दिया है लेकिन इस मौसम की प्रमुख फ सल सोयाबीन अत्यधिक नष्ट होने से किसानों ने पंजीयन में रूचि नहीं ली और अब तक जिले में एक प्रतिशत से भी कम किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ की फ सल खरीदी के लिए पंजीयन करवाया जा रहा है, लेकिन किसानों द्वारा इस वर्ष पंजीयन में रूचि नहीं ली जा रही है और अब तक एक प्रतिशत से भी कम किसानों ने पंजीयन करवाया है।
खाद्य आपूर्ति नियंत्रक डीडी मुजाल्दा के अनुसार विगत 3 अक्टूबर से पंजीयन शुरू किया गया है, जो आगामी 23 अक्टूबर तक चलेगा। पिछले साल जहां पहले ही दिन से किसानों ने हजारों की संख्या में पंजीयन करवाना शुरू कर दिया था वहीं इस वर्ष अभी कुल 412 किसानों ने पंजीयन करवाया है। जबकि गत वर्ष जिले में 46 हजार से अधिक किसानों ने खरीफ की फ सल उपार्जन के लिए पंजीयन करवाया था। उल्लेखनीय है कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खरीफ की फ सलों में सोयाबीन, मक्का, उड़द तथा अरहर की खरीदी की जाती है। इसके लिए जिले में 54 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। संभवत: दो फसलों के लिए भावांतर योजना भी लाई जा सकती है। ..
Published on:
16 Oct 2019 08:04 pm
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