
coronavirus
इंदौर। शहर में कोरोना से हजारों हजारों लोगों ने संसार छोड़ दिया। इनमें से लगभग 1800 ऐसे हैं, जिनकी अस्थियां 9 मुक्तिधामों में ही मुक्ति की राह तक रही है। मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार तो कर दिया गया लेकिन पहले बीमारी का डर और इसके बाद लॉकडाउन से मृतकों के परिजन उनकी अस्थियों को नहीं ले जा पा रहे हैं। इस कारण अस्थियां अब भी श्मशानों में रखी हैं।
श्मशानों में रखी हैं अस्थियां
कोरोना महामारी के दौर में हुए अंतिम संस्कारों के बीच लगभग 1800 लोगों की अस्थियों को लेने उनके परिजन पहुंचे ही नहीं। इनकी अस्थियां अब भी श्मशानों में रखी है। इनमें से 1300 अस्थियां ऐसी हैं जो कि 2021 के पहले से श्मशानों में रखी है, लेकिन उन्हें ले जाने कोई नहीं आ रहा है।
पचकुइया श्मशान में तो अस्थियों का संचय भी परेशानी होने लगी है। इसके चलते कपड़े की पोटली और मटकियों में अस्थियों को रखना पड़ रहा है। रीजनल पार्क स्थित श्मशान में अस्थियों को डिब्बे में रखा जा रहा है। अस्थियों के संचय करने के दौरान कर्मचारी रजिस्टर से मृतक का नाम, पता, मृत्यु दिनांक सहित अन्य जानकारी की पर्ची लगा देते हैं।
परिजन कह रहे हम ले जाएंगे
स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम डॉ. अखिलेश उपाध्याय का कहना कि शहर के विभिन्न मुक्तिधामों पर बड़ी संख्य में अस्थियां सुरक्षित रखी हैं। इन्हें परिजन नहीं ले जा रहे हैं। हम परिवारों से संपर्क भी कर रहे हैं, लेकिन हमें कहा जा रहा हैं कि कोरोना चल रहा है। जल्द ही आकर ले जाएंगे। चूंकि आस्था का मामला है इसलिए संभालकर रख रहे हैं।
Published on:
28 May 2021 06:12 pm

बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
