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पत्रिका टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड : शिक्षा की अलख जगाने वाले वाले 43 गुरुओं का सम्मान आज

शिक्षाविद् अंजुश्री मुखर्जी को मिलेगा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

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इंदौर

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Amit Mandloi

Oct 08, 2018

patrika teacher excellence award

पत्रिका टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड : शिक्षा की अलख जगाने वाले वाले 43 गुरुओं का सम्मान आज

इंदौर. पत्रिका टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड का आयोजन सोमवार को आनंद मोहन माथुर सभागृह में शाम 5.30 बजे होगा। इसमें समाज में शिक्षा को नए आयाम पर पहुंचाने वाले 43 गुरुओं का सम्मान होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और निष्ठा को देखते हुए इस साल लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड श्री बाल विनय मंदिर छत्रीबाग और श्री देवी अहिल्या शिशु विहार की एकेडमिक डायरेक्टर अंजुश्री मुखर्जी को दिया जाएगा। इसके साथ ही 43 अन्य शिक्षकों को उत्कृष्टता के लिए टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। कार्यक्रम में पद्मभूषण शास्त्रीय गायक गोकुलोत्सव महाराज, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व सचिव संजय जगदाले, वरिष्ठ शिक्षाविद् माधव परांजपे, श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उपिंदर धर अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

अंजुश्री मुखर्जी
35 साल से शिक्षा जगत को अपने अनुभव से रोशन कर रही हैं। 2003 से 2018 तक श्री बाल विनय मंदिर छत्रीबाग की प्रिंसिपल रह चुकी हैं। हिंदी, अंग्रेजी और बंगाली भाषा में पारंगत हैं। चोइथराम स्कूल, सिका स्कूल, श्री अग्रसेन विद्यालय, यूनिवर्सल एकेडमी में अपने नेतृत्व से नए मुकाम हासिल किए हैं। शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए कई सेमिनार व प्रोग्राम आयोजित किए।

गोकुलोत्सव महाराज
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक हैं। 2008 में पद्मश्री और 2015 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। हवेली संगीत परंपरा के गायक हैं। उस्ताद अमीर खां से प्रभावित रहे हैं। गायन में उस अमीरखानी गायकी का असर महसूस होता है, जो अब कम सुनने में आती है। मधुरप्रिया उपनाम से पांच हजार बंदिशों की रचना की है जो हिंदी, उर्दू, फारसी और ब्रज भाषा में है।

संजय जगदाले
भा रतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व सचिव और मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हैं। पहले खिलाड़ी और बाद में कुशल प्रशासक के रूप में क्रिकेट की सेवा की है। मप्र की ओर से 53 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। मप्र क्रिकेट को प्रशासक के रूप में तब संभाला था, जब यहां कुछ नहीं था। भारत और विश्व स्तर पर प्रदेश क्रिकेट का गौरव बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।

माधव परांजपे
श हर की कई शिक्षण संस्थाओं से जुड़े रहे। वैष्णव स्कूल, सत्यसांई स्कूल के प्राचार्य रहे। बाल शिक्षा के पुरोधा हैं। 50 साल से अधिक समय से सक्रिय हैं। शहर में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर लगातार काम कर रहे हैं। उनके इस योगदान को कई मंचों पर सराहा भी गया है। सीबीएसई के पाठ्यक्रम निर्धारण से संबंधित समितियों में भी अहम भूमिका रहती है।

डॉ. उपिंदर धर
श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय के प्रथम वाइस चांसलर रह चुके हैं। शिक्षा जगत में बड़े हस्ताक्षर हैं। आइआइटी कोलकाता, इंदौर और रुडक़ी में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर भी काम किया है। उनके क्रेडिट में 620 पब्लिकेशंस हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों में 34 स्कॉलर्स को पीएचडी डिग्री के लिए सुपरविजन कर चुके हैं