
‘जॉइन करते ही पाकिस्तान से युद्ध करने पहुंचा, जीतने के बाद अफसरों से पूछा था, ढाई महीने हो गए सैलेरी कब आएगी’
इंदौर. पाकिस्तान से 1971 में युद्ध के वक्त मेरी उम्र 21 साल थी। आर्मी जॉइन ही की थी और युद्ध छिड़ गया। हमें मोर्चे पर तुरंत जाने का आदेश मिला। बिना कुछ सोचे-समझे हम बांग्लादेश सीमा पर पहुंचे और खुद को युद्ध में झोंक दिया। युद्ध खत्म होने तक मुझे आर्मी जॉइन किए ढाई महीने का वक्त हो गया था। युद्ध जीतने के बाद मैंने अपने अधिकारियों से पूछा था कि सैलेरी कब आएगी।
डीएवीवी ऑडिटोरियम में हुए विजय दिवस के कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्नल अजीत कमल ने यह बात कही। उन्होंने कहा, आज का युवा सबसे पहले पैकेज देखता है फिर अपने भविष्य की दिशा तय करता है। यदि आप आर्मी में आना चाहते हैं तो सिर्फ पैकेज के लिए मत आइए। आर्मी में आने का मतलब है एक ऐसा काम जो न सिर्फ आपको बल्कि आपके पूरे परिवार को आजीवन सम्मान दिलाएगा।
सोल्जर की तरह अनुशासन हर क्षेत्र में जरूरी
वेटरंस इंडिया के नेशनल जॉइंट सेक्रेटरी अजीत सिंह मैक ने कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा, आप किसी भी पेशे में रहें, लेकिन एक सोल्जर की तरह जिएं। एक सोल्जर का जीवन जितना अनुशासित होता है यदि आपने अपने कामों में वह अनुशासन अपना लिया तो आप हर परिस्थिति में सफलता प्राप्त करेंगे। अजीत सिंह ने स्टूडेंट्स को बताया, किस तरह से एक सैनिक जोश और समझदारी के साथ युद्ध लड़ता है। आप जीवन में किसी भी परिस्थिति में रहें शरीर को हमेशा ताकतवर और मन को शांत रखें।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में एकता का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति पर आधारित कार्यक्रमों में एकता और संप्रभुता का आह्वान किया गया। नृत्यांगना रागिनी मख्खर ने अपने सहयोगी कलाकारों के साथ कई प्रस्तुतियां दी। विजय दिवस के समारोह में शौर्य अलंकृत वीरों का विशेष सम्मान किया गया। इनमें 1971 में शहीद सिपाही सुभाष कुलकर्णी की पत्नी वीर नारी संध्या कुलकर्णी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट (एयर मार्शल) हरिशचंद मसंद (सेवानिवृत्त) को विंग कमांडर परमिंदर पाल सिंह क्वात्रा (सेवानिवृत्त), कर्नल अजीत कमल (सेवानिवृत्त) शामिल रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के गृह मंत्री और इंदौर जिले के प्रभारी बाला बच्चन ने 1971 के युद्ध के वीर सैनिकों का सम्मान किया। इस मौके पर सांसद शंकर लालवानी, संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी, एडीजी मिलिंद कानस्कर, कुलपति रेणु जैन, कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव, एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र विशेष रूप से मौजूद थे। मंत्री बाला बच्चन ने वीर जवानों का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया। संचालन सुनयना शर्मा ने किया। अंत में अपर कलेक्टर डीके जैन ने आभार माना।
Published on:
18 Dec 2019 03:44 pm
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