खस्ताहाल हुए मुख्य जिला मार्गों (एमडीआर) को दुरुस्त करने के लिए मप्र सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने काम शुरू कर दिया है। 150 करोड़ के प्रोजेक्ट में चार प्रमुख जिला मार्गों का कायाकल्प होगा। इस काम के लिए जून 2017 तक की मियाद तय की गई है, ताकि नेशनल हाइवे को जोडऩे वाले इन मार्गों पर सफर सुगम हो सके। दूसरी ओर, पीडब्ल्यूडी ने इंदौर संभाग के 621 करोड़ के मुख्य जिला मार्गों के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिए हैं।
महू-सिमरोल, देपालपुर-बेटमा रोड का कायाकल्प
वर्षों पुरानी सड़कों पर ट्रैफिक लोड अधिक होने के कारण सांवेर-शिप्रा, महू-सिमरोल, कानवन-मांगोद और देपालपुर-बेटमा मार्ग की हालत जर्जर हो गई। वाहनों का संचालन ठीक प्रकार से न होने और हादसों की आशंका के मद्देनजर एमपीआरडीसी ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो गया। 47 किमी लंबी कानवन-मांगोद मार्ग को सिंगल लेन से 5.5 मीटर चौड़ी लिंक रोड बनाया जाएगा, जबकि 19 किमी के सांवेर-शिप्रा रोड, 17 किमी के महू-सिमरोल रोड और 20 किमी के देपालपुर-बेटमा रोड को सिंगल लेन से टू-लेन बनाया जा रहा है। चिह्नित मुख्य जिला मार्गों के लिए एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) मदद कर रहा है। ट्रैफिक लोड को देखते हुए इन मार्गों की टेस्टिंग भी कराई गई है।
ये होगा फायदा
1. कानवन-मांगोद मार्ग :
यह रोड महू-नीमच स्टेट हाइवे को इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे से जोड़ता है। इसके जरिए कानवन, बदनावर, लेबड़, कोद, बिड़वाल, दसाई, घाटा-बिल्लौद आदि गांव के लोग आसानी से राजगढ़, सरदारपुर, मोहनखेड़ा तक पहुंच सकते हैं।
2.सांवेर-शिप्रा रोड :
इंदौर-उज्जैन, देवास वालों के लिए यह एक वैकल्पिक रास्ता है। इस रोड के बनने से उज्जैन जाना आसान हो सकता है। शिप्रा और सांवेर के सैकड़ों गांवों को इस रोड के टू लेन बनने से सहूलियत होगी।
3. महू-सिमरोल रोड :
इंदौर-इच्छापुर-एदलाबाद नेशनल हाइवे को मुंबई-आगरा राजमार्ग से जोडऩे का यह वैकल्पिक मार्ग है। महू से खंडवा, महाराष्ट्र जाने के लिए ये सीधा रोड है।
4. देपालपुर-बेटमा रोड :
देपालपुर-गौतमपुरा, आगरा, गिरोता, इंगोरिया जैसे गांवों को इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे से जोडऩे का अच्छा विकल्प है। इस रोड से धार और इंदौर जिले के कई गांवों की दूरी कम होगी।
जून17 तक पूरा होगा काम
एडीबी से चार मुख्य जिला मार्गों का उन्नयन करा रहे हैं। इनका काम जून 2017 तक पूरा हो जाएगा।