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सरवटे बस स्टैंड शिफ्टिंग : धड़ल्ले से बंटे परमिट, गिनती की सवारियां भी नहीं मिल रहीं

सरवटे बस स्टैंड शिफ्टिंग : धड़ल्ले से बंटे परमिट, गिनती की सवारियां भी नहीं मिल रहीं

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इंदौर

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Hussain Ali

Mar 19, 2019

bus stand

सरवटे बस स्टैंड शिफ्टिंग : धड़ल्ले से बंटे परमिट, गिनती की सवारियां भी नहीं मिल रहीं

इंदौर. सरवटे बस स्टैंड निर्माण के लिए एक बार फिर 15 महीनों के लिए बसों को वैकल्पिक स्थानों पर संचालित किया जाएगा। होली बाद शिफ्टिंग का काम भी शुरू हो जाएगा, लेकिन 350 बसों की क्षमता वाले सरवटे से चल रही करीब 700 बसों के संचालन को लेकर काफी दिक्कत आएगी, क्योंकि सामान्य दिनों में यात्रियों के लिहाज से कई ज्यादा बसों को परमिट जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान में सरवटे से ही संचालित हो रही बसों में गिनती के यात्री की सवार हो रहे हैं। सिर्फ त्योहारों के दौरान ही इन बसों में भीड़ देखने को मिलती है। होली के बाद सरवटे बस स्टैंड को बंद कर संचालित हो रही बसों को शहर के अन्य स्थानों से चलाया जाएगा। यहां भी इन बसों का संचालन को लेकर दिक्कत आएगी, क्योंकि एक-एक रूट पर 5 से 10 मिनट में बसों का संचालन हो रहा है।

सरवटे बस स्टैंड पर बसों की संख्या सीमित रहे इसलिए यातायात निगरानी समिति ने 2017 में बसों के संचालन के लिए सरवटे से परमिट देना बंद कर दिए थे, लेकिन कुछ रसूखदारों के लिए यह परमिट जारी होते रहे। इसी कारण लगातार बसों की संख्या बढ़ती गई। दरअसल यहां से संचालित होने वाली बसों के कारण स्टैंड पर जाम की स्थित तो बनती है, इसके साथ जिस रूट से यह बसें शहर से बाहर हो रही हैं वहां भी यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी शाम के समय होती है। इसलिए नए परमिट वाली बसों का संचालन सरवटे से पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन आरटीओ ने परमिट देना बंद नहीं किया।

यहां भी आएगी दिक्कत

होली के बाद सरवटे से चल रही 650 से अधिक बसों को स्टार चौराहा, तीन इमली और गंगवाल बस स्टैंड से चलाया जाएगा। गंगवाल बस स्टैंड पर पहले से बसों का दबाव है, ऐसे में सरवटे से यहां शिफ्ट वाली बसों के संचालन में काफी दिक्कत आएगी। तीन इमली से अधिकांश बसों का संचालन होगा, लेकिन यहां पर यात्रियों के लिए शेड तक नहीं बना है। स्टार चौराहे पर पहले से ही बसों का ठहराव हो रहा है ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानी होगी।

न सुविधा, न यात्री

प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के गोविंद शर्मा ने बताया कि आरटीओ ने पिछले दो वर्षों से धड़ल्ले से अलग-अलग रूट पर परमिट जारी किए हैं। जिसके कारण बस मालिकों को सवारी ही नहीं मिल रही है। तकरीबन हर एक रूट पर 5 से १० मिनट में बस चल रही है। इस कारण काई बार विवाद भी होते हैं। नगर निगम जहां पर अस्थाई स्टैंड बनाने जा रहा है वहां पर किसी तरह की कोई सुविधा भी नहीं है। एेसे में यात्रियों के काफी परेशानी होगी।