
इंदौर. स्वच्छता सर्वेक्षण-२०१८ को लेकर पिछले दिनों हुए सर्वे के बाद नगर निगम को फिर से नंबर वन का खिताब मिलने की उम्मीद है। शहर की सफाई व्यवस्था ठीक ढंग से चल रही है या नहीं, यह जानने के लिए सोमवार रात को महापौर मालिनी गौड़ निरीक्षण पर निकलीं। इस दौरान उनके साथ स्वास्थ्य समिति प्रभारी संतोष गौर और निगमायुक्त आशीष सिंह सहित अन्य अफसर भी थे। निरीक्षण के दौरान कई जगह गंदगी और कचरा मिला। इस पर उन्होंने अफसरों को फटकार लगाई, वहीं गंदगी और कचरा फैलाने वाले लोगों के चालान बनवाए और स्पॉट फाइन भी करवाया। महापौर और आयुक्त ने रात १०.३० बजे एबी रोड स्थित शिवाजी वाटिका से सफाई व्यवस्था का जायजा लेना शुरू किया। यहां से कृषि महाविद्यालय की ओर स्वीपिंग मशीन से की जा रही सफाई का अवलोकन किया। इसके बाद एमवाय अस्पताल रोड, दवा बाजार, मधुमिलन चौराहा और छोटी ग्वालटोली होते हुए पटेल प्रतिमा चौराहे पर पहुंचे। यहां पर अशोका ट्रेवल्स, राजहंस ट्रेवेल्स और इब्राहिम ऑटो गैरेज के बाहर कचरा पड़ा होने पर ५००-५०० रुपए का स्पॉट फाइन किया गया। रेल्वे रिजर्वेशन ऑफिस होते हुए महापौर रेल्वे स्टेशन और सरवटे बस स्टैंड पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान सरवटे पर होटल गुरुकृपा के संचालक को फटकार लगाई। साथ ही पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा। इसके साथ ही यहां पर होटल शिव और बॉम्बे सेल्स के संचालक द्वारा नाली पर किया गया अतिक्रमण हटाने के निर्देश देकर गंदगी मिलने पर स्पॉट फाइन किया।
चालू करवाया हाइमॉस्ट
निरीक्षण के दौरान महापौर को शिवाजी वाटिका के थोड़े आगे एक हाइमॉस्ट बंद मिला। इसको लेकर उन्होंने तत्काल विद्युत विभाग के अफसरों को बताया और हाइमॉस्ट चालू करवाया।
Published on:
15 May 2018 03:51 pm
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