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जेल में रहने के साथ ही भ्रष्ट सीईओ को भरने होंगे 2 करोड़ रुपए

बेनामी संपत्ति जुटाने वाले इस भ्रष्ट अफसर को अब 4 साल जेल में रहना होगा। उसपर कोर्ट ने 2 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगा दिया है। इस अधिकारी पर सेंधवा में पदस्थ रहने के दौरान अनुपातहीन संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था जिसपर अब फैसला सुनाया गया है।

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भ्रष्ट अफसर को अब 4 साल जेल में रहना होगा

भ्रष्टाचार कर करोड़ों की कमाई तो कर ली पर ये सब एक अधिकारी को भारी पड़ गया है। बेनामी संपत्ति जुटाने वाले इस भ्रष्ट अफसर को अब 4 साल जेल में रहना होगा। उसपर कोर्ट ने 2 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगा दिया है। इस अधिकारी पर सेंधवा में पदस्थ रहने के दौरान अनुपातहीन संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था जिसपर अब फैसला सुनाया गया है।

करोड़ों की बेनामी संपत्ति जुटाने वाले भ्रष्ट मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) लाखन सिंह को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने पर इंदौर के विशेष न्यायालय ने सजा सुना दी है। विशेष न्यायालय ने लाखनसिंह को इस केस में दोषा पाया है और 4 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

सश्रम कारावास के साथ ही लाखनसिंह को 2 करोड़ रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया - 4 वर्ष सश्रम कारावास के साथ ही लाखनसिंह को 2 करोड़ रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। इसके साथ ही कोर्ट ने उसकी अचल संपत्ति भी राजसात करने के आदेश दिए हैं। आरोपी लाखन सिंह इंदौर का रहने वाला है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ नवंबर 2011 में भ्रष्टाचार कर अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने की शिकायत हुई थी- लाखनसिंह मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में बड़वानी जिले की सेंधवा जनपद पंचायत में पदस्थ था। मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ नवंबर 2011 में भ्रष्टाचार कर अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने की शिकायत हुई थी। शिकायत पर आरोपी के खिलाफ जांच शुरू की गई। प्राथमिक जांच में आय प्रमाण के आधार पर अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का मामला मिलने पर केस दर्ज कर जांच में लिया गया। इस केस में अब फैसला सुनाया गया है।