
जिस घर में नारी का अपमान वहां से चली जाती है समृद्धि
इंदौर। भगवान शिव जब कृपा करते हैं तो जीवन आनंदमय हो जाता है, इसलिए जीवन में किसी से भी रिश्तेदारी भले ही मत निभाओ लेकिन शिव से जरूर रिश्ते रखो क्योंकि वो ही आपको मोक्ष दिलवाएगें । अभिमान के साथ शिव भक्ति नहीं हो सकती क्योंकि भगवान शिव तो स्वयं वीतरागी हैं ।
शनिवार को पंडित प्रदीप मिश्रा ने दस्तूर गार्डन में माहेश्वरी क्षेत्र अन्नपूर्णा क्षेत्र व महिला संगठन द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा महोत्सव के दौरान व्यक्त किए । आपने शिव चरित्र, द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान शिव-पार्वती के विभिन्न अवतारों के दर्शन करवाए। शिवजी के दस अवतार माता पार्वती के साथ हुए हैं। जब-जब आसुरी शक्तियां बढ़ी तो माता पार्वती ने दैवीय स्वरूप में अवतरित होकर अनेक असुरों का मर्दन किया। माता पार्वती यह सब इसलिए कर पाई क्योंकि कभी भी भगवान शिव ने उनका अपमान नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिस घर में नारी का अपमान होता है, उसके आंसू गिरते हैं, उस घर की समृद्धि चली जाती है, उस घर का नाश होने में समय नहीं लगता। इसलिए हर मनुष्य को चाहिए की वह घर में प्रत्येक नारी का भरपूर सम्मान करे। अपने परिवार की स्त्रियों को सदैव प्रसन्न रखे। यदि आपने कोई वस्तु दान कर दी है तो उसका सेवन - उपभोग कभी नहीं करें, क्योंकि दान की गई वस्तु का भोग दु:ख देता है। उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर चढ़ा हुआ प्रसाद भी कभी नहीं खाना चाहिए, यह पाप का कारण बनता है। आपने बारह ज्योतिर्लिंग की कथा भी विस्तार से बताई। आपने कहा कि किसी भी ज्योतिर्लिंग में शिवपुराण का श्रवण किया जाए तो प्राणी को सदगति की प्राप्ति होती है। मीडिया प्रभारी रामस्वरूप मूंदड़ा व नितिन तापडिय़ा ने बताया कि कथा प्रारम्भ के पूर्व संस्था के अध्यक्ष अजय सोडानी, सरला हेड़ा, मनीष बिसानी, बंशीलाल किरण, ज्योति नागौरी आदि ने व्यासपीठ का पूजन किया। कथा प्रसंग के पश्चात् द्वारकादास मंत्री के भजनों की सुरीली रसगंगा प्रवाहित की जिसमें डूब कर श्रोता नाचते रहे।
Published on:
04 Aug 2018 08:25 pm
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