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कोर्ट ने देखी आतंकियों की क्रूरता, चाकू से काट कर सीने पर रखा सिर

एक सीडी में तो यह भी दिखाया गया था कि एक पत्रकार को चार नकाब पोश लोगों ने पकड़ रखा है और एक आतंकी बड़े से चाकू से उसका गला रेत रहा है।

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Narendra Hazare

Sep 02, 2016

safdar nagori

simi leader safdar nagori in cbi court indore

इंदौर। गुजरात में बम ब्लास्ट करने के आरोप में अहमदाबाद की जेल में बंद सिमी सरगना सफदर नागोरी सहित 9 आतंकियों की इंदौर की सीबीआई कोर्ट में देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के प्रकरण में सुनवाई चल रही है। गुरुवार विशेष न्यायाधीश बीके पालौदा की कोर्ट में आतंकियों से जब्त की गई 10 सीडी लैपटॉप पर चलाई गई।

सीडी में देश विरोधी गतिवधियों एवं आंतकी घटनाओं के लिए उकसाने से जुड़े दृश्य शामिल थे। एक सीडी में तो यह भी दिखाया गया था कि एक पत्रकार को चार नकाब पोश लोगों ने पकड़ रखा है और एक आतंकी बड़े से चाकू से उसका गला रेत रहा है। सीडी में दिखाए गए नकाब पोश ने पत्रकार का गला काटकर उसकी छाती पर रख दिया।

पुलिस ने जब्त किए थे हथियार
सीडियों में हिंदू, अंग्रेजी और उर्दू भाषा का इस्तेमाल किया गया है। कोर्ट में गुरुवार को पीथमपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी बीपीएस परिहार सहित चार गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। 27 मार्च 2008 की रात को पुलिस ने श्याम नगर स्थित गफूर खां की बेकरी की ऊपरी मंजिल से 13 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। परिहार ने पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और उनसे जब्त किए गए खतरनाक हथियार, आतंक फैलाने वाली सीडी, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क के बारे में जानकारी थी।


safdar nagori

मकान मालिक ने पहचाना
परिहार के बयान पूरे नहीं हो सके हैं, शुक्रवार को भी उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे। उनके अलावा जिस मकान से आतंकियों को पकड़ा था उसे किराए पर देने वाले शहनाज बी ने भी अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने कमरूद्दीन को मकान किराए से देने के बात कही है। उन्होंने कमरूद्दीन को तो पहचान लिया लेकिन बाकी किसी को भी पहचाने से इनकार किया।

शुक्रवार को भी जारी रहेगी सुनवाई
हैदराबाद में सिमी के दो गुर्गों को पकडऩे वाले वहां के इंस्पेक्टर पीवी मुरलीधरन के भी बयान हुए। नागोरी ने वहां जाकर कुछ लोगों को आपत्तिजनक सीडी दी थी। एक अन्य गवाह पूनमचंद के भी बयान दर्ज किए गए हैं। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई सुनवाई में लंच के बाद शाम 5.30 बजे तक बयान दर्ज किए गए। सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी। इस मामले के अलावा आरोपी सफदर नागोरी, कमरूद्दीन और आमिल परवेज के खिलाफ एमजी रोड थाने में दर्ज प्रकरण को लेकर भी उनकी पेशी प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी पारस जैन की कोर्ट में पेश की गई।


safdar nagori

आरोपियों के वकील नहीं होन पेर कोर्ट ने उन्हें सरकार की मदद से वकील देने की बात कही जिसम पर नागोरी ने साफ मना कर दिया, उसका कहना था हम सरकार की मदद क्यों ले, परिजनों से मिलने के बाद इस फैसला लेंगे। नागोरी ने इस बिंदू पर काफी बहस भी की। एमजी रोड थाने में भी तीनों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है।

कौन है सिमी सरगना सफदर नागौरी
सफदर नागौरी 27 सितंबर 2001 को स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट पर प्रतिबंध लगने के बाद से ही फरार था। इसके खिलाफ 97-98 में सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने सहित कई गंभीर आरोप थे। सफदर नागौरी उज्जैन के नागौरी गांव का रहने वाला है। पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री लेने वाला नागौरी सिमी की गतिविधियों का प्रचार-प्रसार करने वाली पत्रिका तहरीक का संपादक भी था।

सिलसिलेवार बम विस्फोट का आरोप
सफदर नागौरी और उनके साथियों पर अहमदाबाद में 26 जुलाई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट करने का आरोपी माना गया है। अहमदाबाद पुलिस का दावा था कि बम विस्फोटो की साजिश जनवरी 2008 में वड़ोदरा के हलोल तालुका में सिमी सरगना सफदर नागौरी द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविर में रची गई थी। नागौरी को मध्यप्रदेश पुलिस ने मार्च 2008 में गिरफ्तार किया था।

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