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सिस्टर रानी मारिया धन्य घोषणा महोत्सव : हमेशा रखा सेवा का संकल्प

सेवा करने में बहुत तकलीफ आएगी, पर इसमें ईश्वर सहायता करते हैं।

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इंदौर. सेवा करने में बहुत तकलीफ आएगी, पर इसमें ईश्वर सहायता करते हैं। मानव सेवकों को आगे बढ़ते रहना चाहिए। मारिया का जीवन इसका उदाहरण है। उन्होंने सेवा का संकल्प बनाए रखा। गरीबों, दलितों के दर्द को महसूस करने वाला धन्य है। उनके उत्थान के लिए अपने जीवन का बलिदान तक दे देता है। निश्चय ही रानी मारिया धन्य कहलाने की अधिकारी हैं।

शनिवार को सेंट पॉल स्कूल प्रांगण में आयोजित कैथोलिक समाज के सिस्टर रानी मारिया धन्य घोषणा महोत्सव में विशेष प्रतिनिधि कार्डिनल अंजेलो आमातो ने आशीर्वचन के दौरान उक्त उद्गार कहे। इसका अनुवाद नागपुर के आर्च बिशप अब्राहम ने किया। सिस्टर रानी मारिया देवास के उदयनगर में सेवा गतिविधियों में संलग्न थी। इस बीच 22 फरवरी 1995 को समुंदर सिंह ने उनकी हत्या कर दी थी। आयोजन में समुंदर सिंह भी परिवार सहित शामिल हुआ। उसे सिस्टर रानी की बहन सेल्मी पाल ने राखी बांधकर माफ कर दिया था। इंदौर की भूमि पर पॉप फ्रांसिस द्वारा नियुक्त संत घोषणा समिति के सदस्य एवं पॉप के प्रतिनिधि कार्डिनल अंजेलो आमातो, सिरो मलंकारा के कार्डिनल बसेलियोस क्लिमीस, सिरो मलाबार कार्डिनल जॉर्ज अलंशेरी, मुंबई के कार्डिनल ऑस्वाल्ड ग्रेशियस और रांची के कार्डिनल तेलिस्फोर टोप्पो सहित हजारों कैथोलिक प्रीस्ट्स व नन्स तथा विश्वासियों का जनसैलाब महोत्सव में उपस्थित था। इंदौर धर्म प्रांत के बिशप चॉको थोट्टूमारिक्कल ने मुख्य अतिथि सहित अतिथियों व जनसमूह का अभिनंदन करते हुए स्वागत किया।

पॉप के विशेष परिपत्र का वाचन
पॉप के प्रतिनिधि आमातो ने पोप के विशेष परिपत्र का वाचन लैटिन भाषा में किया। अंग्रेजी अनुवाद कार्डिनल जॉर्ज अलंशेरी तथा हिंदी अनुवाद रांची के टोप्पो ने किया। इसमें कहा गया, कैथोलिक समुदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु पॉप फ्रांसिस अपने विशेष प्रेरितिक अधिकार द्वारा रानी मारिया को धन्य घोषित करते हैं। आज से उन्हें धन्य संबोधित किया जाएगा।

अवशेषों, मूर्ति चित्र का अनावरण
रानी मारिया के पार्थिव शरीर के अवशेषों को विधि-विधान से स्थापित कर आशीष के लिए रखा गया। साथ ही मूर्ति के चित्र का अनावरण किया। इस अवसर पर पंडाल भजनों से गूंज उठा। उसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मारिया के परिजन ने चढ़ावा चढ़ाया। पवित्र युग्रीस (परम प्रसाद) का वितरण किया।

जीवन बलिदान देने की मिली शक्ति
सिस्टर मारिया की छोटी बहन व सारणी (बैतूल) के घोड़ाडोंगरी चर्च की सिस्टर सेल्मी पॉल ने कहा, बड़ी बहन को धन्य घोषित करने पर अच्छा महसूस कर रही हूं। उनसे जीवन बलिदान देने की शक्ति मिली है। २६ साल पहले मुझे कैंसर था, लेकिन अब पूरी तरह स्वस्थ हूं। मारिया के निधन के बाद नवंबर में मुझे पूरी तरह से चंगाई मिली। वह मेरे सपने में आईं और प्रार्थना करने की बात कही। उसके बाद से मैं स्वस्थ हो गई। अब मैं भी दीदी की तरह जीवन जीना चाहती हूं।

शैतान हावी था जो मैंने सिस्टर की हत्या की
सिस्टर मारिया की हत्या करने वाले समुंदर सिंह ने कहा, ईश्वर की प्रेरणा के बिना संसार में एक पत्ता भी नहीं हिलता। कोई शैतान हावी था, जो मैंने सिस्टर की हत्या की। मुझे पश्चाताप है।