
इंदौर. साइबर सेल ने वॉट्सऐप पर बच्चों की पोर्न फिल्में भेजने वाले गु्रप का खुलासा कर इससे जुड़े इंजीनियर, नाबालिग स्कूली छात्र व बर्तन व्यापारी को गिरफ्तार किया है। विदेश से बने इस गु्रप से भारत सहित 29 देशों के लोग जुड़े हैं।
एसपी (साइबर सेल) जितेंद्रसिंह ने बताया, मंगलवार को निजी कंपनी में इंजीनियर मकरंद सालुंके (24) निवासी श्रीराम नगर महू, बर्तन व्यापारी ओंकारसिंह राठौर (43) निवासी ग्राम दसाई सरदारपुर व निमाड़ के ग्राम मोरगढ़ी के 12वीं कक्षा के छात्र को पकड़ा। सेल की रिसर्च विंग के विवेक मिश्रा को वॉट्सऐप पर ऐसे गु्रप संचालित होने की जानकारी मिली थी।
चार लोग मप्र के
सेल की टीम एसआई अमोदसिंह, अंबराम, जितेंद्रसिंह, रामपाल, आशीष शुक्ला, राहुल, रमेश, विनोद ने जांच की तो चार लोग मध्यप्रदेश के जुड़े होना पता चला। बिलासपुर के एक युवक को स्थानीय पुलिस की मदद से पकड़ा जाएगा। आरोपितों के जब्त मोबाइल में मूल गु्रप मिले हैं। इनकी फोरेंसिक जांच की जाएगी। ऐसे ही एक और गु्रप में चार लोग मध्यप्रदेश के हैं, जिनकी धरपकड़ की जाएगी। आरोपितों के खिलाफ आइटी एक्ट ६६ बी में केस दर्ज किया गया है।
इन देशों के लोग जुड़े हैं
बच्चों के पोर्नोग्राफी गु्रप से भारत, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएइ, पेरू, कुवैत, यमन, श्रीलंका, मैक्सिको, ईरान, कतर, ओमान, म्यांमार, नेपाल, कनाडा, बोलिविया, वियतमान, यूगांडा, कोस्टारिका, अल्जीरिया, नाइजीरिया, टर्की, फ्रेंच गुएना, लेसोथो, घाना, मालदीव, ग्वाटेमाला, अर्जेंटीना के दो गु्रप में 454 लोग जुड़े हैं। सबसे ज्यादा भारत के 205, पाकिस्तान के 177 और सऊदी अरब के 16 लोग इनमें शामिल हैं। भारत में उत्तर पूर्व राज्य के 37, दक्षिण के 33, महाराष्ट्र के 21, गुजरात के 21, मध्यप्रदेश के 4 लोग शामिल हैं।
शहर में बच्चों से जुड़ी घटनाएं
ट्रेजर आइलैंड मॉल के गेम जोन में 8 मार्च को 10 साल की बच्ची से कर्मचारी ने हरकत की थी। इस पर काफी हंगामा मचा था।
यूरो किड्स स्कूल में दो बच्चियों से शिक्षिकाओं द्वारा हरकत करने के आरोप लगे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कनाडिय़ा इलाके में स्कूली छात्रा से एक आश्रम में रहने वाला व्यक्ति छेड़छाड़ करता था। स्कूल टीचर को पता चला तो मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची।
5 साल की सजा, 10 लाख रुपए तक जुर्माना
आइटी एक्ट की धारा 66 बी में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले आते हैं। प्रदेश में पहली बार इंदौर में साइबर सेल ने इसका इस्तेमाल किया है। इसमें 5 साल तक की सजा व 10 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है।
सीबीआइ ने की थी पहली कार्रवाई
मामले में पहली कार्रवाई सीबीआइ ने 22 फरवरी 2018 को कर निखिल वर्मा (24) निवासी कन्नौज (उत्तरप्रदेश) को पकड़ा था। बीकॉम पास निखिल बेरोजगार था। वह जिस गु्रप का एडमिन था उसमें भारत सहित 40 देशों के लोग जुड़े थे। उसकी गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ ने मुंबई, दिल्ली, नोएडा व अन्य जगह पर
गु्रप से जुड़े लोगों की धरपकड़ की थी।
लिंक भेजकर जोड़ते हैं
वॉट्सऐप गु्रप में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के गु्रप की लिंक भेजी जाती। इस पर क्लिक करने वाला इससे जुड़ जाता। गु्रप की संख्या पूरी होने पर नया गु्रप बना लिया जाता। ये ग्रुप विदेश में बैठे लोग बनाते हैं। कुछ समय बाद ग्रुप छोड़ देते या नंबर बना लेते हैं। मकरंद ने बताया, वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गु्रप में बॉयज गु्रप में था।
साइबर सेल को जब एक गु्रप का पता चला तो उसका एडमिन केन्या का व्यक्ति था। जांच के दौरान कुवैत का नागरिक बन गया। मंगलवार को एक भारतीय इस गु्रप का एडमिन बन चुका है। इसकी जांच की जा रही है।
Published on:
18 Apr 2018 11:52 am
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