चलने फिरने में असमर्थ बुजुर्ग, बेटा-बहू को तलाशा
इंदौर। जिस बेटे को मां ने जन्म से पालन-पोषण किया, उसी ने बुढ़ापे की लाठी बनने की बजाए बीच रास्ते में लावारिस हालत में छोड़ दिया। मंदिर के बाहर बेसहारा वृद्धा को जिस किसी ने देखा उसका दिल पसीज गया। लोगों ने मदद के लिए वृद्धाश्रम और पुलिस को सूचना दी। मल्हारगंज टीआइ राहुल शर्मा के मुताबिक रविवार को भूतेश्वर मंदिर के बाहर 80 वर्षीय महिला लावारिस हाल में मिली थी।
उनकी मदद के लिए गांधी नगर में वृद्धाश्रम संचालित करने वाले यश पाराशर पहुंचे थे। मौके पर पता चला कि वृद्धा चलने-फिरने में असमर्थ है। मंदिर तक वह किस तरह पहुंची यह किसी को नहीं पता। थाना पुलिस ने मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा फुटेज खंगाले तो पता चला कि वृद्धा को युवक-युवती छोड़ने आए थे।
उक्त फुटेज को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के बाद जानकारी मिली की वृद्धा को छोड़ने आए युवक-युवती उनके बेटा-बहू है। संबंधित थाना पुलिस के माध्यम से उन्हें थाने बुलाकर समझाइश दी गई। उनसे कहा गया कि वे बुढ़ापे में अपनी बुजुर्ग मां की सेवा करें, जरूरी उपचार करवाए। यदि वे उनकी सही तरीके से देखभाल नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि पुलिस की चर्चा में बेटा-बहू ने अपनी गलती स्वीकारी। वे सेवा भाव से वृद्धा को अपने साथ घर ले गए।