दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान से मैं सुशील दोषी बोल रहा हूं। साफ आसमान, खुली हुई धूप, रह रहकर चलती हवा। भारत ने टॉस जीता है और बल्लेबाजी का फैसला किया है। बॉब विलिस की पहली गेंद गावस्कर को। आफ स्टंप से थोड़ा बाहर। गावस्कर ने गेंद को अच्छी तरह समझा, बैकफुट पर गए, शॉट के लिए जगह बनाई और कवर की तरफ खेला। पहला रन भारत के खाते में। पहला रन गावस्कर को। क्रिकेट में ये शब्द, ये अहसास श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करते थे। यह क्रिकेट की कमेंटरी थी, जिससे लाखों करोड़ों लोग दशकों तक अभिभूत रहे।