इंदौर।हम ऐसी लड़कियों के लिए काम करें जो ग्रामीण परिवेश में रहते हुए अपने साथ घटी घटना को समाज के सामने लाने में असमर्थ महसूस करती है। उन्हें शिक्षा देकर आसानी से हुनरमंद बनाया जा सकता है। इससे वे परिवार पर बोझ नहीं बल्कि आत्मस्वालंबी बन रहे है और हर अपनी अलग पहचान बना रहे है। यह कहना है मूक-बधिरों की शिक्षा और अच्छे जीवन के लिए काम करने वाली मोनिका शर्मा पुरोहित का। वे 16 सालों से मूक-बधिरों की पढ़ाई और देखरेख का काम कर रही है। 16 साल से लगातार समाज के लिए विशेष काम करने पर देश की टॉप-100 अचीवर्स महिलाओं में इंदौर की मोनिका शर्मा पुरोहित को भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि मैंने अपनी पढ़ाई सोश्यल वर्क में ही पूरी की। मेरे पति ज्ञानेंद्र पुरोहित चाहते थे कि उनकी लाइफ पार्टनर वर्क पार्टनर भी बने। परिवार में ज्ञानेंद्र के बड़े भाई के डेफ होते हुए और किस तरह की परेशानी का सामना इस दौरान उन्हें करना पड़ता था इसे देखते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर इस क्षेत्र में काम करने का तय किया। पति के इस मिशन को अपनाते हुए सबसे पहले मैंने साइन लैंग्वेज सीखी। अब मेरा मुख्य फोकस ट्रायबल गर्ल पर डेफ गर्ल पर अधिक है।