मामले में पुलिस ने जिन गवाहों के बयान कराए, वह भी घटना की सही जानकारी न्यायाधीश के समक्ष पेश नहीं कर सके। थाने में रिपोर्ट लिखाने के बाद आरोपी श्याम बैरागी ने पीडि़ता के पति को भी जान से मारने की धमकी दी, उसके बाद भी पुलिस उसे लंबे समय तक गिरफ्तार नहीं कर पाई। पुलिस की कमजोर जांच रिपोर्ट, सबूतों के अभाव एवं गवाहों के बयानों में विरोधाभास होने पर अपर सत्र न्यायाधीश एके पालीवाल ने आरोपित श्याम को दोषमुक्त करार दिया। श्याम उज्जैन में हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।