
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (फोटो- एएनआई)
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार को गहरे संकट में डाल दिया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष तेजी से बढ़ा है और कई देश इसमें अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान ने खुद को शांति स्थापित करने वाले मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश की है, लेकिन साथ ही उसने अमेरिका की रणनीति पर सवाल भी उठाए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका के उद्देश्य का मजाक उड़ाया है।
ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि युद्ध का लक्ष्य अब होर्मुज स्ट्रेट को खोलना बताया जा रहा है, जबकि यह पहले से ही खुला था। उनका यह बयान सीधे तौर पर अमेरिका की बदलती रणनीति पर कटाक्ष माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि युद्ध के उद्देश्यों में स्पष्टता की कमी है और इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भ्रम पैदा हो रहा है। पाकिस्तान इस दौरान खुद को एक जिम्मेदार देश के रूप में दिखाते हुए तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसे बयानों से उसकी कूटनीतिक स्थिति भी चर्चा में आ गई है।
होर्मुज स्टेट (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक कच्चा तेल और एलएनजी गुजरता है। युद्ध के चलते इस मार्ग पर यातायात लगभग ठप हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य समय में जहां करीब 120 जहाज रोज गुजरते हैं, वहीं मार्च के शुरुआती 25 दिनों में केवल 155 जहाजों ने इस रास्ते को पार किया। यह लगभग 95 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। ईरान द्वारा जवाबी हमलों और सख्त नियंत्रण के कारण इस मार्ग की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
अमेरिका ने युद्ध को रोकने के लिए 15 बिंदुओं का प्रस्ताव रखा है, जिसमें प्रतिबंधों में राहत, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नियंत्रण और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि ईरान ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए अपनी शर्तें रखी हैं, जिनमें अपनी संप्रभुता की मान्यता और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई शामिल है। इस बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और मौतों का आंकड़ा 1500 से अधिक हो चुका है। इजरायल, लेबनान और खाड़ी क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है, जिससे लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं।
Updated on:
26 Mar 2026 10:52 am
Published on:
26 Mar 2026 10:35 am
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