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फूलों की महक से गुलजार है इंदौर के बाजार, हर दिन 10 लाख की बिक्री

30 टन गेंदा और 30 क्विंटल गुलाब की रोज हो रही खपत।

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फूलों की महक से गुलजार है इंदौर के बाजार, हर दिन 10 लाख की बिक्री

फूलों की महक से गुलजार है इंदौर के बाजार, हर दिन 10 लाख की बिक्री

इंदौर. नवरात्र में मां की भक्ति में रमा इंदौर इन दिनों फूलों से भी महक रहा है। हर दिन करीब 10 लाख रुपए का कारोबार हो रहा है। सिर्फ गेंदे के फूल की खपत ही 50 टन प्रतिदिन है। वहीं गुलाब भी रोज 30 क्विंटल बिक रहा है। यह खपत आम दिनों से दोगुनी है। आउट सीजन में ही हर दिन 20 से 25 टन फूलों की खपत रहती है। खास बात यह है कि इंदौर में विदेशी फूलों की भी काफी डिमांड है। साज सज्जा और बुके में इस्तेमाल होने वाले ये फूल शहर में बेंगलूरु और पुणे से आते हैं। अच्छी कीमत मिलने से जिले में फूलों की खेती का रकबा भी बढ़कर 50 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। लिलियम का एक बुके ही 1300 रुपए तक में बिक रहा है। फूल मंडी में गेंदे व गुलाब के अलावा, सेवंती, जर्बरा, जिप्सो, डेजी, मौगरा, गुलाब, लिलियम, सनफ्लावर, बीजबट की आवक हो रही हैं।

सेवंती के रंग मोह रहे मन
रंगीन फूलों में सबसे ज्यादा सेवंती बाजार में दिखाई दे रहा है। 20 प्रकार के आकर्षक रंगों में मौजूद यह फूल बाजार में सैकड़ों लोगों को आकर्षित कर रहा है। मंडी में थोक में ही इनके बुके की कीमत 200 रुपए तक जा रही है। छोटे होने से इनकी माला आकर्षक लगती है।

डेकोरेशन व बुके के लिए
डेकोरेशन व बुके में सबसे ज्यादा ऑर्किड, जर्बरा, जिप्सो, कुंड, डेजी, सनफ्लावर व सेवंती का उपयोग हो रहा हैं। इनको पैक कर बेचा जा रहा है। इन फूलों की पैकिंग खास होती है। इनके बुके 100 से 400 रुपए में मिल रहे हैं। ललित माली ने बताया, मंडी में रोज 10 लाख से अधिक का कारोबार है। ज्यादातर फूल पुणे और बेंगलूरु से मंगवाते हैं। विदेशी फूलों की कई किस्मों की इंदौर में अधिक डिमांड है। इनके बुके 200 से 1300 रुपए में बिक रहे हैं।

सबसे ज्यादा खुशबू वाले
हैदराबादी गुलाब भी अपने सुर्ख रंग से बाजार को महका रहा है। इनकी शानदार खुशबू के कारण इनका छोटा सा बुके भी 150 से 250 रुपए में बिक रहा है। वहीं देशी गुलाब की भी मांग बहुत अधिक है। यह 200 रुपए किलो तक में मिल रहा है। व्यापारी सुभाष वर्मा ने बताया, रोज 30 क्विंटल गुलाब की आवक व खपत है। वहीं मौगरा, कुंद के फूल भी प्रसिद्ध हैं।

ये हैं महंगे फूल: एसी में सफर, एसी में ही स्टोरेज

लिलियम, सनफ्लावर, सेवंती, बीजबट के फूलों के दाम ज्यादा रहते हैं। डेकोरेशन के अधिकांश फूल एसी कंटेनरों में लोड होकर एसी वेयरहाउसों में रखे जाते हैं। इनकी खुशबू कम है, लेकिन सुंदरता अधिक होने से हाई प्रोफाइल आयोजनों और वीआइपी के स्वागत में इनका ज्यादा उपयोग होता है।

50 टन तक गेंदा मंडी में आ रहा
फूलों में सबसे ज्यादा गेंदा बिक रहा है। मंडी में रोजाना 20-30 टन पीले व नारंगी गेंदे के फूलों की आवक रहती है। त्योहारी सीजन गणेश चतुर्थी से नवरात्र तक फूलों की खपत भी बढ़ी है। अभी रोजाना 50 टन तक गेंदा मंडी में आ रहा है।

- कैलाश कुसमाकर, अध्यक्ष, फूल मंडी एसोसिएशन

फूलों की खेती से किसानों को सालभर आमदनी होती है। जिले में प्रमुख रूप से 4-5 हजार एकड़ में गेंदे की खेती की जाती है। इसके बाद गुलाब का रकबा अधिक है। विदेशी किस्मों के फूलों को भी कुछ किसानों ने लगाना शुरू किया है। विभाग भी फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रहा है।

- त्रिलोकचंद्र वास्केल, उप संचालक उद्यानिकी