
पेड़ काटने वालों को नगर निगम अब बिल्डिंग बनाने की नहीं देगी इजाजत
इंदौर. शहर की लगातार कम हो रही हरियाली को बचाने के लिए नगर निगम अब कठोर कदम उठाने जा रही है। मकान बनाने के नाम पर पेड़ काटने वालों को नगर निगम अब बिल्डिंग बनाने की इजाजत नहीं देगी। यही नहीं, यदि किसी ने अनुमति से ज्यादा पेड़ काटे तो उसकी बिल्डिंग परमिशन सालभर के लिए स्थगित कर दी जाएगी।
प्लॉट पर निर्माण के लिए पुराने पेड़ों काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। नगर निगम के सामने पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले आए, जहां प्लाट मालिकों ने एक या दो पेड़ों की कटाई के लिए इजाजत मांगी और इसकी आड़ में वहां मौजूद कई पेड़ काट दिए। इसके चलते नगर निगम ने अब नया फार्मूला तैयार किया है। इसी के तहत पेड़ कटाई का काम देख रहे उद्यान विभाग के साथ ही बिल्डिंग परमिशन विभाग को भी इसमें शामिल करने की तैयारी है। इसमें पेड़ कटाई के मामलों में बिल्डिंग परमिशन विभाग के अफसरों को भी टीम में शामिल किया जाएगा। कटाई की इजाजत नगर निगम से जारी करने से पहले दोनों विभागों की टीमें मौके का निरीक्षण करेंगी। जहां भी पेड़ कटाई की शिकायत मिलेगी, वहां उद्यान विभाग की टीम के साथ ही बिल्डिंग परमिशन के अफसर भी मौके पर पहुंचेंगे। यदि इजाजत लिए बगैर ही पेड़ काटे गए हैं तो बिल्डिंग परमिशन पर ही रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इजाजत लेकर उससे ज्यादा पेड़ काटने की स्थिति में बिल्डिंग परमिशन एक साल के लिए निरस्त की जाएगी। इस संबंध में उद्यान विभाग ने निगमायुक्त के पास प्रस्ताव भेजा है।
हरियाली बढ़ाने को लेकर निगम गंभीर
कानूनी कार्रवाई भी होगी
नगर निगम ने पेड़ काटने वालों पर कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी की है। प्रस्ताव के मुताबिक नगर निगम पेड़ काटने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने के साथ ही कोर्ट में सीधे केस भी दायर करेगा। इस संबंध में कानूनी पहलुओं पर राय भी ली है। राज्य सरकार ने बिल्डिंग परमिशन जारी करने संबंधी जो फार्मेट तय किया है, उसमें लागू शर्तों के मुताबिक सरकारी इजाजत का उल्लंघन या पालन नहीं कने पर नक्शा स्वत: निरस्त माना जाएगा। इसी के आधार पर नगर निगम नया नियम बनाने की तैयारी कर
रहा है।
-पुलिस कार्रवाई में देरी होने से पेड़ काटने वालों को कड़ी सजा नहीं हो रही थी। पेड़ काटने वालों को हतोत्साहित करने के लिए ही बिल्डिंग परमिशन के जरिए सजा देने का प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा है।
- रजनीश कसेरा, अपरआयुक्त नगर निगम
Published on:
22 May 2019 11:39 am
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