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मेघदूत गार्डन के पीछे डेवलप होगी निगम की नई नर्सरी

प्लानिंग करने में जुटे उद्यान विभाग के अफसर, लोकसभा चुनाव के बाद जारी होंगे टेंडर  

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इंदौर

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Hussain Ali

Mar 13, 2019

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मेघदूत गार्डन के पीछे डेवलप होगी निगम की नई नर्सरी

इंदौर. मेघदूत गार्डन के पीछे खाली पड़ी जमीन पर नगर निगम नई नर्सरी डेवलप करेगा। इसकी प्लानिंग करने में उद्यान विभाग के अफसर जुट गए हैं, क्योंकि लोकसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता के समय में जहां अच्छे से प्लानिंग हो जाएगी, वहीं नर्सरी में डेवलप होने वाले पौधे तय हो जाएंगे। लोकसभा चुनाव निपटते ही निगम नर्सरी डेवलपमेंट को लेकर टेंडर जारी करेगा।

शहर में अभी निगम की तीन नर्सरी है। इसमें एक नेहरू पार्क, दूसरी चिडिय़ाघर और तीसरी कबीटखेड़ी में है, जो कि जल्द ही खत्म हो जाएगी। नेहरू पार्क में बगीचा डेवलपमेंट के साथ सिविल वर्क करने के लिए जमीन कम पडऩे पर नर्सरी की जगह शिफ्ट की जा रही है, वहीं कबीटखेड़ी में सीवर का पानी ट्रीट होने के बाद निकलने वाले सलज का निपटान करने के लिए प्लांट लगना है। इसके लिए नर्सरी की जमीन निगम लेगा। चिडिय़ाघर का विस्तारीकरण करने के चलते नर्सरी खत्म की जा रही है।

इस तरह इन तीन नर्सरी के खत्म होने पर निगम ने नई बनाने के लिए प्लानिंग शुरू कर दी है। उद्यान विभाग मेघदूत गार्डन के पीछे खाली पड़ी जमीन पर यह नर्सरी डेवलप करेगा। इसके लिए उद्यान विभाग के अफसर काम पर लग गए है, ताकि लोकसभा चुनाव के म²ेनजर लगी आचार संहिता के समय में अच्छे से प्लानिंग हो जाए। लोकसभा चुनाव निपटते ही निगम नर्सरी के लिए टेंडर जारी करेगा। उद्यान विभाग के अपर आयुक्त रजनीश कसेरा के निर्देशन में नई नर्सरी डेवलप करने की प्लानिंग की जा रही है।

कबीटखेड़ी और एसटीपी से लेंगे पानी
पौधे तैयार करने के लिए निगम कबीटखेड़ी में सीवर को ट्रीट करने के बाद निकलने वाले पानी का उपयोग करेगा। इसके साथ ही मेघदूत गार्डन के पास से बह रहे नाले पर दो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनना है। इससे भी निगम पौधे तैयार करने के लिए पानी लेगा। इस तरह पानी का उपयोग भी हो जाएगा और पौधे भी तैयार।

कर रहे हैं प्लानिंग
आने वाले समय में निगम की नेहरू पार्क, चिडिय़ाघर और कबीटखेड़ी नर्सरी खत्म हो जाएगी। यहां पर डेवलपमेंट का काम चल रहा है, जिसमें नर्सरी की जमीन उपयोग होगी। यह देखते हुए नई नर्सरी मेघदूत गार्डन के पीछे खाली जमीन पर डेवलप करने की प्लानिंग की जा रही है। अफसरों को निर्देशित किया गया है। नई नर्सरी में कमर्शियल पौधे भी रहेंगे।
रजनीश कसेरा, अपर आयुक्त, उद्यान विभाग

निगम बेचेगा पौधे और कमाएगा पैसा
मेघदूत गार्डन के पीछे बनने वाली नई नर्सरी में निगम 1 लाख कमर्शियल पौधे तैयार करेगा, जो बाजार में बिक सकेंगे। यह वह पौधे रहेंगे, जिनकी डिमांड शहर में ज्यादा रहती है। इससे निगम की इनकम होगी। साथ ही 10 लाख पौधे रूटिन के तैयार किए जाएंगे, जो कि फ्री में लगाने के लिए निगम बांटेगा। साथ ही सरकारी आयोजन हरियाली महोत्सव में काम आने वाले पौधे भी नई नर्सरी में तैयार होंगे।