
इंदौर . पिछले कुछ दिनों से मसूर की कीमतों में तेजी आ गई है। इसमें आगे भी तेजी के आसार बने रहने की संभावना जानकार व्यक्त कर रहे हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि आयातित माल महंगा होने से इसके भावों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिससे इसके भाव में आगे गिरावट के आसार कम ही लग रहे हैं। मसूर की आने वाली नई फसल पर आशंका होने के कारण भी इसके भावों में इस समय तेजी बनी हुई है, लेकिन आगे की स्थिति नई फसल की आवक होने के शुरूआती रूझानों से ही बनने लगेगी। इसके अलावा इस समय आयातित माल में ज्यादा पड़ते नही लग रहे हैं। उसको देखते हुए जानकार इसकी फरवरी मध्य के बाद आने वाली नई फसल तक एक बार कुछ तेजी की संभावना जता रहे हैं। इसके साथ ही जानकारों का यह भी कहना है कि यदि मंडियों में कुछ जल्दी कच्चे माल की आवक होने लगती है तो इससे बाजार पर असर पड़ेगा, लिहाजा संभलकर कारोबारी कदम बढ़ाने में ही लाभ होगा। पिछले दो तीन दिन में ही यहां पर इसकी कीमतों में तकरीबन 100 से 150 रुपए प्रति क्विटंल तक की तेजी आ चुकी है। हालांकि कुछ उत्पादक राज्यों में इसकी फसल लगभग तैयारी पर है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से नई फसल की आवक चालू माह के अंत तक धीरे-धीरे बढऩे लगेगी।
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