
Chocolate
इंदौर। पीरियड के दौरान महिलाओं को होने वाले दर्द से राहत दिलाने के लिए अनूठी चॉकलेट शहर के तीन युवाओं ने बनाई है। इसमें ऐसी सामग्री इस्तेमाल की गई है, जो रसोई में आसानी से उपलब्ध रहती है। इसके सकारात्मक नतीजों को देखते हुए पेटेंट के लिए आवेदन किया है। बीकॉम ऑनर्स के सेकंड ईयर के वंशज शास्त्री, आयुषी जोशी और आयुष राठौड़ ने चॉकलेट मूड फ्लिप की परिकल्पना की और घर में ही इसे साकार कर दिखाया। वंशज ने बताया, दुनियाभर में कई स्टडी हुई है, जिसके अनुसार चॉकलेट खाने से अच्छा महसूस होता है।
हमारे देश में ऐसी कोई चॉकलेट नहीं थी, जो अच्छा महसूस कराने के साथ दर्द से भी राहत दिलाए। जो चॉकलेट तैयार की है, उसमें ज्यादातर ऐसी सामग्री है जिन्हें दादी-नानी के घरेलू नुस्खे के तौर पर आजमाया जाता रहा है। इसमें दालचीनी वाला पानी, अश्वगंधा सहित कई और सामग्री है।
82 परसेंट का मिला रिस्पॉन्स रेट
इन युवाओं ने बताया कि चॉकलेट बनाने के बाद चुनौती इसके फीडबैक की थी। सैंपल के तौर पर कॉलेज की फ्रेंडस और परिचितों को ये चॉकलेट खिलाई। शुरुआत में ही हमें 82 परसेंट का रिस्पॉन्स रेट मिला। रिस्पॉन्स को देखते हुए हमने रैसिपी फाइनल की। अभी डार्क चॉकलेट, बटर स्कॉच, आल्मंड्स और क्रैनबैरी फ्लेवर में चॉकलेट बनाई जा रही है। इस फॉर्मूले के पेटेंट के लिए हमने ढाई महीने पहले अप्लाई किया है।
दर्द देख आया आइडिया
वंशज ने बताया कि इसका आइडिया उस बस से आया, जिसमें हमारे साथ एक लड़की सफर कर रही थी। वह दर्द से तड़प रही थी और पैनकिलर तलाश रही थी। उसे वह नहीं मिली तो किसी ने नॉर्मल चॉकलेट दी, जिसे खाकर उसे थोड़ी राहत मिली। तब आयुषी ने कहा, क्यों न हम ऐसी चॉकलेट बनाएं, जो पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से राहत दे।
Published on:
21 Mar 2023 03:37 pm
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