
विमान में बैठने से पहले मिली यह सूचना... लगेज लेकर लौटना पड़ा घर
इंदौर.
कोविड के बाद मई माह फ्लाइट और हवाई यात्रियों की तुलना में भले ही नए रिकॉर्ड कायम करने वाला रहा हो लेकिन, फ्लाइट निरस्त होने के मामले में भी मई ने कोई कसर नहीं छोड़ी। 1 से 31 मई के बीच हर दिन औसत 7 नियमित उड़ानें निरस्त की है। ज्यादातर उड़ानें निरस्त होने के पीछे एयरलाइंस ने ऑपरेशनल कारणों का हवाला दिया है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की रिपोर्ट के अनुसार देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मई में कुल 2115 उड़ानें संचालित हुई। इनमें 2 लाख 28 हजार 768 यात्रियों ने सफर किया। जबकि अप्रैल माह की 2037 उड़ानों को 1 लाख 98 हजार 910 यात्री मिल सके थे। इस माह का दूसरा पहलू यह है कि पूरे माह कुल 220 उड़ान निरस्त रही है। यानी हर दिन औसत 7 उड़ान निरस्त हुई जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठाना पड़ी। उड़ानें निरस्त होने के साथ-साथ लेट-लतीफी भी कई यात्रियों को भारी पड़ी है। मई में रोजाना औसतन तीन से चार उड़ानें निर्धारित समय से देरी से संचालित हुई। इसके पीछे देश के अलग-अलग शहरों में बिगड़े मौसम को वजह बताया गया है। विमानों की देर रात तक आवाजाही के कारण एयरपोर्ट के रनवे की चौड़ाई बनाने का काम भी प्रभावित हुआ है।
सबसे ज्यादा इंडिगो की निरस्त
मई में सबसे ज्यादा उड़ान इंडिगो की निरस्त हुई है। रिपोर्ट के अनुसार इंडिगो ने 166 उड़ान निरस्त की। बाकी 54 उड़ानों में एयर इंडिया, विस्तारा व अन्य एयरलाइंस की उड़ानें थी। हालांकि, एयरलाइंस ने यात्रियों को रिफंड और रिशेड्यूल के विकल्प दिए। जानकारी के अनुसार इन उड़ानों का संचालन नहीं होने से यात्रियों की संख्या में 20 से 25 हजार तक की कमी रही।
Published on:
08 Jun 2022 06:26 pm
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