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साइकिल पर निकले ‘नारंगी बाबा’ के साथ तीन कुत्ते भी कर रहे यात्रा

शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र बन रहे मोहन बाबा ने अपना जीवन ईश्वर की भक्ति के साथ समाजसेवा में समर्पित कर दिया, मंदिर बनाने के लिए घूम रहे शहर

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आकर्षण का केंद्र बन रहे मोहन बाबा

इंदौर. जैसे हमारे देश में कदम-कदम पर पानी और भाषा अलग हैं, ठीक उसी तरह सभी लोगों के भगवान की भक्ति के तरीके भी अलग-अलग हैं। ऐसे ही इंदौर के मोहन बाबा भी हैं, जो भगवा कपड़े पहने पिछले 30 वर्षों से नारंगी कलर की साइकिल पर मंदिर निर्माण के लिए पूरे इंदौर में घूम रहे हैं। शहरवासी उन्हें नारंगी बाबा के नाम से जानते हैं। खास बात यह है कि भक्ति में लीन बाबा के साथ तीन कुत्ते भी शहरभर की यात्रा कर रहे हैं.

नारंगी बाबा 30 वर्षों से साइकिल से ही पार्क रोड स्थित 100 वर्ष पुराने शिव सांई मंदिर के निर्माण के लिए चंदा मांगने निकल रहे हैं। वे नए रेलवे स्टेशन पर भी रहते हैं। मोहन बाबा बताते हैं कि वह मंदिर के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प के साथ निकले हैं. इस मंदिर में शिवलिंग, साई बाबा, भगवान गणेश, हनुमानजी, बालाजी महाराज, माता पार्वती और भेरू बाबा की मूर्तियां स्थापित हैं। वहां पार्क रोड का सीमेंटीकरण और फुटपाथ बनने से मूर्तियां जमीन से चार फीट नीचे हो चुकी हैं। साथ ही शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले जल की निकासी भी नहीं है। इसलिए मंदिर की सभी मूर्तियों को जमीन से चार फीट ऊपर करने और मंदिर के गुंबद को भी चार फीट ऊपर करने के लिए मैं साइकिल पर मंदिर निर्माण के लिए चंदा मांगने निकता हूं।

तीन कुत्तों को साथ रखने के सवाल पर वे बताते हैं कि मैं इन प्यारे कुत्तों को भेरू बाबा का रूप मानता हूं। मोहन बाबा इन तीन कुत्तों के अलावा पार्क रोड स्थित मंदिर में 27 कुत्तों को और पालते हैं। इन सभी पालतू कुत्तों के खाने-पीने और रहने की व्यवस्था स्वयं बाबा ही करते हैं। ये कुत्ते हर समय इनके साथ में ही रहते हैं। सभी जब एक साथ में चलते हैं तो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहते हैं।

भगवान की सेवा करते रहना ही असली जीवन
मोहन बाबा बताते हैं कि भगवान की सेवा करना की असली भक्ति है। भगवान का कार्य करना ही मोक्ष का साधन है। इसलिए भगवान की सेवा, भजन-कीर्तन, यथार्थ रूप से होनी चाहिए। यह जीवन पुराने कर्मों का फल है और इस जन्म में यदि भगवान की तरफ नहीं चले तो यह पुरानी कमाई समाप्त हो जाएगी। इसलिए मैं अपने पूरे तन मन और धन के साथ भगवान के सेवा भाव में लगा हूं। सभी को यही संदेश देता हूं कि यह अनमोल समय है. इसका उपयोग कर जीवन को सार्थक करो।