
Three innocent drowned in deep water in indore
मांगलिया (इंदौर). जरा सी रकम बचाने के लिए लोग गंभीर लापरवाहियां करते हैं और अनजान लोग इसका नतीजा भुगतने को मजबूर हो जाते हैं. खनिजों के लिए खोदी गई खदानों में होती मौतें इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है. खदानों में बरसात में पानी भर जाता है पर इसके आसपास कोई सूचना या बाड आदि नहीं लगाई जाती.ऐसे में खदानों में लोग डूब जाते हैं. संचालकों का लालच लोगों के लिए जानलेवा बन जाता है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है जब खनिज संचालकों की लापरवाही के कारण तीन मासूमों की मौत हो गई.
यह दर्दनाक घटना ग्राम धनखेड़ी पहाड़ी पर घटी. यहां गुरुवार दोपहर को उस वक्त मातम पसर गया जब गांव के तीन बच्चों की खदान में डूबने से मौत हो गई। बच्चे यहां नहाने के लिए गए थे लेकिन नहाते समय गहरे पानी में चले गए। पानी में डूबने से बच्चों की मौत हो गई. इनमें से दो बच्चों की तो मौके पर मौत हो गई जबकि एक अन्य बच्चे ने अस्पताल पहुंचने पर दम तोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार मृतकों में आकाश , हरीश (10) और लोकेश (15) शामिल हैं। आकाश जहां 14 साल का था वहीं लोकेश की उम्र 15 वर्ष बताई जा रही है. मासूम हरीश ने तो अभी महज 10 वसंत ही देखे थे. बच्चे—किशोरों की मौत से गांव का हर व्यक्ति गमगीन हो उठा. इस घटना के बाद गांववालों में खदान संचालक के प्रति गुस्सा भर गया.
अपने मासूम बच्चों की मौत से आक्रोशित परिजनों ने इंदौर-उज्जैन मार्ग पर उनके शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए. एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने खनिज संचालकों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, पर बच्चों के परिजन एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग पर अड़े गए थे। मंंत्री तुलसी सिलावट ने चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की बात कही है।
Published on:
08 Oct 2021 09:36 am

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