
टीआइ हाकमसिंह पंवार आत्महत्या मामला
इंदौर। टीआइ हाकमसिंह पंवार आत्महत्या मामले की आरोपी रेशमा उर्फ जागृति अब जेल से बाहर आने के लिए छटपटा रही है. टीआई हाकमसिंह पंवार की आत्महत्या के मामले में इंदौर पुलिस द्वारा आरोपी बनाई गई रेशमा खुद को टीआई की पत्नी बताती रही लेकिन पुलिस की रिपोर्ट में उसे टीआई को ब्लेकमेल करना पाया गया. रेशमा अब मामले में जमानत पर बाहर आना चाहती है पर इस संबंध में कोर्ट सख्त है. रेशमा को विशेष न्यायालय ने जमानत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने उसका जमानत आवेदन निरस्त करते हुए माना कि वह मामले की मुख्य आरोरी है। उसे जमानत का लाभ दिया गया तो प्रकरण के फरार आरोपी को इसका फायदा मिलेगा। आरोपी रेशमा फिलहाल जेल में ही है।
भोपाल में पदस्थ टीआइ हाकमसिंह ने 24 जून को इंदौर के रानी सराय स्थित पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मामले में चार लोगों पर केस दर्ज किया है। इनमें खुद को टीआइर् की तीसरी पत्नी बताने वाली रेशमा, एएसआइ रंजना खांडे, उसका भाई कमलेश और कपड़ा कारोबारी गोविंद जायसवाल शामिल हैं। कमलेश की पिछले दिनों आग लगने के हादसे में मौत हो चुकी है। आरोपी महिला एएसआइ खांडे को जमानत मिल चुकी है जबकि आरोपी व्यापारी गोविंद फरार है।
आरोपी रेशमा ने जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया था। अभियोजन की तरफ से एजीपी विशाल श्रीवास्तव ने इसका विरोध करते हुए तर्क रखा कि रेशमा इस आत्महत्या प्रकरण में मुख्य आरोपी है। उस पर टीआइ हाकमसिंह पंवार को ब्लैकमेल करने का आरोप है। पुलिस के पास उसकी वाइस रिकार्डिंग भी उपलब्ध है। यदि आरोपी रेशमा को जमानत का लाभ दिया गया तो इसी केस में फरार आरोपी व्यापारी गोविंद को भी फायदा मिल जाएगा। विशेष न्यायाधीश मनोजकुमार तिवारी ने इसके बाद आरोपी रेशमा का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।
Published on:
27 Jul 2022 09:56 pm
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