
इंदौर. ट्रेंजर आईलैंड में वर्चुअल सिटी व्हीआर गेम जोन में गुरुवार को 9 साल की बच्ची से ज्यादती के मामले में तुकोगंज पुलिस ने गेम जोन के कर्मचारी अर्जुन राठौर (19) निवासी पंचशील नगर को गिरफ्तार किया था। उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। उधर, गेम जोन में कई खामियां नजर आई हैं।
शुक्रवार को सीएसपी मनोज रत्नाकर व टीआई तुकोगंज राजकुमार यादव गेम जोन की जांच करने पहुंचे। पुलिस ने गेम जोन सील कर दिया है। गेम जोन के मालिक श्रेयांश चटर्जी विदेश गए हुए हैं। पुलिस ने मोबाइल पर उनसे घटना को लेकर संपर्क किया है। उन्होंने एक-दो दिन में भारत लौटने की जानकारी दी है।
पुलिस उनके अलावा गेम जोन के सभी कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी। टीआई राजकुमार यादव ने बताया, माल प्रबंधन को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे हैं। उनसे पूछा गया है, पहले हुई घटना के समय दिए गए निर्देश का पालन किया गया है या नहीं। माल की सुरक्षा व प्रबंधन का काम देखने वालों के भी बयान लिए जाएंगे।
सुरक्षा में भारी चूक
सीसीटीवी कैमरे गेम जोन के बाहर ही लगे मिले, अंदर नहीं लगाए गए। पूरे ही परिसर में डीम लाइट रहने से कर्मचारियों की हरकत पर नजर नहीं रखी जा सकती। मेन गेट पर सिक्योरिटी गार्ड रहता है, अंदर नहीं। पुलिस ने मेन गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर को जब्त किया है। उसके फुटेज देखे जा रहे हैं।
दो कर्मियों से पूछताछ
गेम जोन में काम करने वाले एक युवक व युवती ने पुलिस पूछताछ में बताया, गेम जोन के मालिक श्रेयांश चटर्जी व मैनेजर मनोज हिरवे हैं। मनोज के निर्देशन में ही वे लोग काम करते हैं। श्रेयांश २८ फरवरी से थाईलैंड में हैं। युवक भी अर्जुन की तरह गेम सिखाता व खिलाता है, जबकि युवती कैश काउंटर पर है।
नहीं चिल्लाती तो हो जाती अनहोनी
आरोपित अर्जुन ने पुलिस को बताया, वह एक साल से यहां काम कर रहा है। यहां गेम सिखाता और खिलाता है। सुमित व एक युवती उसके साथ काम करती है। गुरुवार शाम बच्ची व साथी गेम खेलने आए थे। बच्चा गेम खेलने से डर रहा था तो उसे अंदर ले गया। पीछे बच्ची भी आ गई। उसने कबूला, बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश की तो चिल्लाकर बाहर मां के पास चली गई। अर्जुन 12 वीं तक पढ़ा है।
मांगी यह जानकारी
वर्चुअल सिटी व्हीआर गेम जोन कब से किराए पर दिया है?
गेम जोन में कार्यरत कर्मचारियों का वेरिफिकेशन कब कराया गया?
ट्रेजर आईलैंड में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं? घटना किस परिस्थिति में घटित हुई?
एडीजी से मिली महिलाएं
गुरुवार शाम सामाजिक संगठन से जुड़ी महिलाएं एडीजी अजय शर्मा से मिलीं और गेम जोन मैनेजर को भी गिरफ्तार करने की मांग की। मॉल में बंद कमरे व कम लाइट में चलाए जा रहे गेम जोन की जांच की जाए। बिना पुलिस वेरिफिकेशन मॉल में कर्मचारी काम न करंे।
गेम जोन में महिला कर्मचारी ही काम कर करें। एडीजी ने कहा, घटना काफी गंभीर है। इस पर हर पहलू की जांच की जा रही है। जो भी लापरवाह या दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।
अन्य जगह भी लापरवाही
शहर के अन्य मॉल में बच्चों के गेम जोन में भी लापरवाही का आलम रहता है। गेम जोन में लाइट पर्याप्त नहीं रहती। यहां के स्टाफ का भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया जाता। गेम जोन के अंदर कैमरे व सिक्योरिटी गार्ड नहीं रहते। किसी भी गेम जोन में गेम खिलाने के लिए महिला कर्मचारी नहीं है। इन जगहों पर काउंटर पर ही महिला कर्मचारी रहती है।
नहीं लिया सबक
22 अप्रैल 2017 को टीआई मॉल में कपड़े के शोरूम में 11 वीं की छात्रा का चेंजिंग रूम में कपड़े बदलते समय मैनेजर शाहिद कुरैशी ने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की थी। छात्रा का पैर मोबाइल से टकराया तो घटना का पता चला।
18 अप्रैल 2016 को रीगल स्थित पाकीजा शोरूम में 6 साल की बच्ची से कर्मचारी प्रकाश ने हरकत की थी।
इंद्रप्रस्थ टॉवर के पास एक शोरूम में कर्मचरी सुनील को चेंजिंग रूम में किशोरी का वीडियो बनाते पकड़ा था।
सहमी हुई है बच्ची, पिता विदेश में
ट्रे जर आईलैंड में हरकत के बाद से बच्ची काफी सहमी हुई है। पिता व्यापार के सिलसिले में विदेश गए हैं। जानकारी मिलने से एक-दो दिन में भारत लौटेंगे।
ट्रेजर आईलैंड में कपड़े के शोरूम में कपड़े बदल रही किशोरी का वीडियो बनाने का मामला सामने आने पर पुलिस ने मॉल प्रबंधन को सभी शोरूम व सस्ंथानों के कर्मचारियों का वेरिफिकेशन करवाने व सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा था। नोटिस देकर पुलिस भूल गई। कभी नहीं देखा, सुझावों पर अमल कराया गया कि नहीं।
शुक्रवार को बाल आयोग की टीम भी मॉल पहुंची। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष माया पांडे ने घटना स्थल देखा, फिर थाने में आरोपित से बात की। परिवार के लोगों से भी घटना को लेकर जानकारी ली। पांडे मामले की रिपोर्ट बनाकर आयोग को भेजेंगी।
जानकारी नहीं देने पर वालों पर कार्रवाई
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया, पुलिस सभी मॉल की चेकिंग कर रही है। जिन दुकानदारों ने कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी व वेरिफिकेशन नहीं करवाया है उनके खिलाफ धारा 188 में केस दर्ज किया जाएगा। गेम जोन में भी वेरिफिकेशन नहीं कराने के चलते कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
10 Mar 2018 08:44 am
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