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सास और ननद को पटाने के टिप्स

सास और ननंद से दोस्ती हो गई तो दुनिया की कोई ताकत आपको परेशान नहीं कर सकती

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इंदौर. भारतीय जैन संगठन द्वारा ‘एक दूजे के लिए’ ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन रविवार को डीएवीवी तक्षशिला परिसर के आईआईपीएस ऑडिटोरियम में हुआ। भारतीय जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रफल्ल पारेख ने सास और बहू को म्यूच्युअल अंडस्टैंडिंग बनाए रखने के टिप्स दिए।

उन्होंने बहुओं को संबोधित करते हुए कहा कि नए घर में सास और ननंद से अच्छी दोस्ती होनी चाहिए। ये लोग ढाल बन गए तो फिर दुनिया की कोई ताकत परेशान नहीं कर सकती। लेकिन ये तभी होगा जब हम उम्मीद से थोड़ा ज्यादा देंगे। कार्यक्रम में सभी समाज के 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार जैन, राज्य अध्यक्ष दिलीप डोसी, भारतीय जैन संगठन इंदौर की अध्यक्ष हेमलता अजमेरा आदि मौजूद थीं।

न्यूटन के थर्ड लॉ से चलती है शादी
पारेख ने कहा कि शादी के मूल मंत्र में न्यूटन का तीसरा नियम काम करता है। इसका अर्थ है कि आप अपने परिवार को जितना दोगे, उतना पाओगे। आप अपने घरवालों की भावनाओं का सम्मान करेंगे, तो आपको भी उतना ही सम्मान मिलेगा। धार्मिक बंधन, पर्सनल कमिटमेंट और लीगल बाइंडिंग को मिलाकर मैरिज बनती है। जब शादी करके लडक़ी ससुराल आती है तो उसकी पहली सोच यही होनी चाहिए कि वह सबका मन कैसे जीतेगी, क्योंकि इसके बिना कुछ नहीं हो सकता।

रिसर्च में तलाक के ये कारण आए सामने
हेमलता अजमेरा ने बताया कि संगठन द्वारा समाज में लगातार बढ़ रहे तलाक के कारणों का पता लगाने के लिए रिसर्च की जा रही है। इसी कड़ी में यह प्रोग्राम तैयार किया है। इसके लिए सभी राज्यों में जाकर ट्रेनिंग दे रहे हैं। रिसर्च मेंं वर्तमान समय में समझ व बुद्धि-चातुर्य की कमी, बदले हुए माहौल में सामंजस्य न बैठा पाना, अव्यवहारिक अपेक्षाएं, वादे पूरा नहीं करना, विवाह के बाद के दबाव के न झेल पाना, विवाह के बाद उत्तरदायित्व पूरे नहीं कर पाना, तुलनात्मक रवैया, गुणवत्तापूर्ण समय का अभाव आदि कारण सामने आए हैं।

सफल पारिवारिक जीवन के टिप्स
विश्वास, त्याग,
समर्पण, धैर्य, संवाद,
समझ, सहिष्णुता और समझौता हो
परिवार की मान्यताएं, संस्कार, ट्रेडिशन्स को फॉलो व सम्मान देना
अच्छे और बुरे वक्त में
निजी व सायकोलॉजिकल सपोर्ट देना
शादी के बाद के दबाव और नए परिवार को समझना
घर के बुजुर्गों को समय देकर सम्मान करना