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भागीरथपुरा में दूषित पानी से 29वीं मौत, उल्टी-दस्त से ग्रस्त पहलवान ने दम तोड़ा

29th Death Reported In Bhagirathpura : भागीरथपुरा में दूषित पानी कांड को एक माह बीतने के बाद भी यहां बीमारों की मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। 62 वर्षीय खूबचंद बंधोनिया की मौत हुई है।
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इंदौर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 28 Jan 2026, 9:08 AM IST

29th Death Reported In Bhagirathpura

इंदौर में उल्टी-दस्त से 29वीं मौत (Photo Source- Patrika)

29th Death Reported In Bhagirathpura : देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी कांड को अब एक माह बीत चुका है, लेकिन अब भी यहां बीमारों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को यहां रहने वाले 62 वर्षीय पहलवान खूबचंद बंधोनिया की भी मौत हो गई। वे उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते बीते कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने उनके मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन परिजन का दावा है कि, खूबचंद की तबीयत दूषित पानी पीने से ही बिगड़ी थी। उन्हें पहले बस्ती के क्लिनिक में दिखाया, पर आराम मिलने से अस्पताल में भर्ती करा दिया था।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने अब भागीरथपुरा में होने वाली मौतों का कारण डायरिया बताने से ही इंकार कर दिया है। पिछले दिनों इसी के चलते एक परिवार ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम भी किया था। जानकारी यहां तक सामने आई है कि, एक थैली में 2 लाख रुपए भरकर मृतक के परिजन को श्मशान घाट पहुंचाई गई थी। अब तक दूषित पानी की वजह से 29 मौतें सामने आ चुकी है। इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है।

6 मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती

बस्ती में अब उल्टी-दस्त के नए मरीज तो नहीं मिल रहे, फिर भी अबतक 6 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। उनमें से 03 आईसीयू में हैं और उन्हीं में से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट में जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें 23 मौतों की जानकारी दी है और उनमें से 16 की मौत की वजह डायरिया माना है, जबकि बाकी मौतों का कारण दूसरी बीमारियां बताई गई हैं।

30% इलाकों में अब भी संकट

भागीरथपुरा में अब तक दूषित पानी से 29 मौतें हो चुकी हैं। बस्ती के 30 फीसदी हिस्से में नई लाइन बिछाई गई है और अब वहां साफ पानी आ रहा है, लेकिन दूसरे इलाकों में अब भी जलसंकट बना हुआ है, क्योंकि वहां पाइपलाइन नहीं बिछ सकी है। जिन घरों में बोरिंग से पानी सप्लाई होता है, उन्हें भी पेयजल के लिए उस पानी का उपयोग न करने की सलाह दी गई है। दूसरी तरफ कई परिवारों ने अब अपने घरों में वाटर प्यूरीफायर लगवाए हैं।