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इंदौर। देश में कोविड की तीसरी लहर की आशंका के बीच यूजीसी का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें सभी परीक्षाएं ऑफलाइन मोड पर ही कराने की बात कही गई। यूजीसी सचिव ने इस पत्र को फर्जी बताया है। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी (Devi Ahilya University) ने छात्रों के विरोध के बाद 16 दिसंबर से होने वाली ऑफलाइन परीक्षाएं स्थगित कर दी है। ये परीक्षा अब ऑनलाइन या ओपन बुक प्रणाली से ही कराने की मांग उठ रही है।
इससे पहले भोपाल की आरजीपीवी ने ऑफलाइन परीक्षाएं निरस्त कर उनकी जगह ऑनलाइन परीक्षा का ही टाइम-टेबल जारी किया है। डीएवीवी ने परीक्षा के प्रारूप के लिए शासन का मार्गदर्शन चाहा है। इस बीच रविवार को सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन का एक पत्र वायरल हुआ। इसमें सभी यूनिवर्सिटी को सलाह दी गई कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए ऑफलाइन मोड से ही परीक्षा कराई जाए। इस पत्र पर 10 दिसंबर 2021 की तारीख थी और नीचे की ओर बाकायदा सचिव डॉ. रजनीश जैन का नाम और हस्ताक्षर थे।
दोपहर में ही किया खंडन
डीएवीवी के कार्यपरिषद सदस्य प्रो. मंगल मिश्रा ने ही यह पत्र एक वाट्सऐप ग्रुप पर वायरल किया। लिहाजा अधिकारियों के साथ कई प्राचार्यों ने पहले इस पर संदेह नहीं जताया। हालांकि, प्रो. मिश्रा ने यह भी उल्लेख किया कि यह पत्र यूजीसी की वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुआ है। कुछ शिक्षकों ने जब यूजीसी से इस संबंध में संपर्क किया तो वहां से ऐसा कोई पत्र जारी करने की बात नकार दी गई।
यूजीसी ने कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए
प्रो. रजनीश जैन, सचिव, यूजीसी का कहना है कि परीक्षाओं के प्रारूप के संबंध में यूजीसी ने कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। यूनिवर्सिटी व कॉलेजों के लिए सभी निर्देश वेबसाइट पर ही अपलोड किए जाते हैं। परीक्षा को लेकर जो पत्र वायरल हो रहा है वह यूजीसी का नहीं है।
Published on:
13 Dec 2021 01:22 pm
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