
सरकारी जमीन पर खड़े WANTED जीतू सोनी के ‘जग-विला’ को करेंगे नेस्तनाबूत
इंदौर. हनी ट्रैप कांड में ब्लैकमेलिंग करने, युवतियों को बंधक बनाने व मानव तस्करी के आरोपित जीतू सोनी पर सरकारी शिकंजा कसता जा रहा है। प्रशासन ने कनाडिय़ा रोड पर बनी उसकी कोठी ‘जग-विला’ का कच्चा चि_ा निकाल लिया है। इसके सरकारी जमीन पर बने होने से तहसीलदार ने नोटिस थमा दिया है, इसे नेस्तनाबूत करने की तैयारी है।
कारोबारी जीतू सोनी और भाजपा के पार्षद मनोज मिश्रा के बीच तीन साल से जंग चल रही है। मिश्रा ने सोनी के खिलाफ कई शिकायतें कर रखी थीं, जिसमें एक कनाडिय़ा रोड स्थित कोठी की भी थी। बताया गया था कि खजराना के सर्वे नंबर 1170 /1 की सरकारी जमीन पर सोनी की कोठी बनी है। हनी ट्रैप के बाद जब ऊपर से हरी झंडी मिली तो शिकायत की जांच शुरू हो गई। सरकारी रिकॉर्ड से मौके का मिलान किया गया, जिस पर ये सिद्ध हो गया कि शासकीय सीलिंग की जमीन पर कोठी बनाई गई है। इसको लेकर कल जूनी इंदौर तहसीलदार ममता पटेल ने सोनी को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का नोटिस जारी कर दिया। 5 दिसंबर की तारीख लगाई गई है, जिसमें उन्हें जवाब पेश करना है। जवाब नहीं देने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन कोठी को नेस्तनाबूत करने के मूड में है। उसी रणनीति के तहत नोटिस थमाया गया है।
नहीं है कोर्ट का स्टे
सीलिंग की कार्रवाई के बाद जमीन मालिकों ने हाईकोर्ट में केस लगाया था। 2011-12 में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए जिला प्रशासन को प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए थे। जमीन मालिकों को राहत देते हुए फैसले तक स्टे दे दिया था। 2013 में अपर कलेक्टर वंदना वैद्य ने आदेश जारी करते हुए जमीन को शासकीय सीलिंग घोषित कर दिया और रिकॉर्ड में भी तब से जमीन वही दर्ज है। उसके बाद जमीन मालिक ने हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसका केस चल रहा है, हालांकि कोर्ट ने उस मामले में कोई स्टे नहीं दे रखा है।
माय होम के पास भी प्लॉट पर कब्जा
जिला प्रशासन के अफसरों को सोनी की एक ओर गंभीर शिकायत मिली है, जिसकी जांच शुरू होने जा रही है। उसके मुताबिक माय होम होटल के आसपास के प्लॉटों पर भी जीतू ने कब्जा कर रखा है। अब अफसर ये पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ये प्लॉट किसके हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी, अगर वे राजी होते हैं तो मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
ये है कोठी की कहानी
खजराना के सर्वे नंबर 1170/1 की जमीन पूर्व में अली हुसैन नामक किसान की थी, लेकिन 1975 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सीलिंग एक्ट लागू किया था। उसमें ये जमीन सरकार ने शासकीय घोषित कर दी। बकायदा इसका कब्जा भी ले लिया गया था। 2004-05 में दस्तावेजों में गड़बड़ी करके किसान ने कुछ लोगों को बेच दी। बकायदा नाम भी दर्ज हो गया था। बाद में करीब 24 हजार वर्ग फीट जमीन नगर निगम के सिटी इंजीनियर रहे अशोक बैजल ने खरीद ली। करीब 10 हजार वर्ग फीट पर कोठी बनाई गई, लेकिन उसमें वे ज्यादा दिन नहीं रह पाए। शिकायतों के बाद उसे 90 लाख रुपए में सोनी ने खरीद ली थी। तब से कोठी सोनी के पास में है।
5 तक मांगा जवाब
हां, एक शिकायत के आधार पर जांच की गई। खजराना के सर्वे नंबर ११७०/१ की जमीन रिकॉर्ड में शासकीय सीलिंग दर्ज है, लेकिन मौके पर भवन बना हुआ है। इस पर भू राजस्व संहिता की धारा-२४८ के तहत प्रकरण दर्ज करके नोटिस जारी किया गया है। ५ दिसंबर तक जवाब देना है नहीं तो एकतरफा कार्रवाई कर दी जाएगी।
ममता पटेल, तहसीलदार
Published on:
03 Dec 2019 04:50 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
