
Western Ring Road: मध्यप्रदेश के इंदौर में पश्चिमी आउटर रिंग रोड का सर्वे इंदौर जिले में पूरा हो गया है। प्रशासन व एनएचआइ की टीम ने शनिवार को भी सांवेर के पांच गांवों में दस किमीं नपती की। इस दौरान सर्वे में कुछ छोटे किसानों की पूरी जमीन जा रही है। उन्होंने सर्वे के दौरान आपत्ति लेते हुए कहा कि हम जमीन नहीं देंगे। अब एसडीएम अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर संपत्ति की कीमत को जोड़कर जमीन मालिकों की सूची जारी करेंगे।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) 64 किमी लंबी और 80 मीटर चौड़ी पश्चिमी रिंग रोड बनाने जा रहा है, जो एनएच-52 में नेटरेक्स के समीप से शुरू होकर शिप्रा नदी के निकट आकर मिलेगी। इंदौर जिले के देपालपुर के 5, हातोद के 12 और सांवेर के 9 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। सांवेर एसडीएम घनश्याम धनगर ने तहसीलदार पूनम तोमर व छोगालाल टॉक के नेतृत्व में दो टीमें बनाईं, जिन्होंने सुबह 7 बजे से नपती शुरू की। शुक्रवार को मुंडला हुसैन व सोलसिंदा के कुछ हिस्से में बचे काम को भी पूरा किया गया। टीम जैतपुरा, बरलाई जागीर व पीर कराड़िया पहुंची और शाम 4 बजे सर्वे का काम पूरा कर लिया। इसके साथ इंदौर जिले के 61 किमी का सर्वे खत्म हो गया है।
बरलाई जागीर और पीर कराड़िया में नपती के दौरान दस वेयर हाउस मिले। तीन वेयर हाउस पूरी तरह तो सात का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा सड़क की जद में आ रहा हैं। सर्वे के दौरान करीब एक दर्जन ऐसे किसान सामने आए हैं, जिनकी पूरी जमीन जा रही है। उनकी आपत्ति थी कि जमीन चली जाएगी तो हम परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे। अभी इसी से रोजी-रोटी चल रही है। किसी ने कहा कि यह जमीन उनके पुरखों की निशानी है। कई लोगों के मकान भी सड़क में आ रहे हैं। उनका कहना था कि हम बेघर हो जाएंगे। समझाइश से मामला शांत किया गया।
Updated on:
13 Apr 2025 06:38 pm
Published on:
13 Apr 2025 06:38 pm
