
इंदौर. एमवायएच अस्पताल में महिला मरीज से छेड़छाड़ के मामले में एक ऑडियो वायरल होने के बाद नया मोड़ आ गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि सीएमओ के दबाव में उसने पुलिस से शिकायत नहीं की। अस्पताल ने मामला दबाने के लिए उसे पिछले दरवाजे से निकाला। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला पर कोई दबाव नहीं बनाया है। एमवाय अस्पताल में सामने आई इस घटना के बाद मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ऑडियो में धार की 55 वर्षीय महिला कह रही है कि वह वार्ड 28 में भर्ती थी। 27 जुलाई की रात वार्ड बॉय ने एनिमा लगाते समय गलत काम किया था। चिल्लाई तो भाग गया। किसी ने मदद नहीं की। लिफ्ट से नीचे पहुंची तो वहां एक वार्डबॉय व गार्ड उन्हें फाइल देने का कहकर वार्ड में छोड़ आए। दो दिन प्राइवेट रूम में बंद करके रखा। वहीं सयोगितागंज टीआइ राजीव त्रिपाठी का कहना है कि महिला ने बयान में घटना से इनकार किया है।
एमवायएच अस्पताल अधीक्षक, डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया कि उन्होंने ही स्वत: संज्ञान लेकर संयोगितागंज थाने को लिखित सूचना दी थी, इसलिए मामले को दबाने का प्रश्न ही नहीं उठता है। महिला के बयान पुलिस ने लिए थे। उसकी पहचान उजागर नहीं हो, इसलिए प्राइवेट रूम में रखा था।
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में डायलिसिस के लिए भर्ती महिला मरीज के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई थी। धार जिले की रहने वाली पीड़ित महिला किडनी की गंभीर बीमारी से ग्रसित है और उसे डायलिसिस के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला अस्पताल की पांचवी मंजिल पर भर्ती थी। इसी दौरान एक शख्स ने इलाज के नाम पर उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। महिला के शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गया। जिसके बाद महिला ने परिजन को पूरी बात बताई। परिजन ने अस्पताल प्रबंधन से मामले की शिकायत की है जिसके आधार पर एक कमेटी गठित की है और मामले की जांच की जा रही है।
Published on:
02 Aug 2021 09:20 am
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