
यशवंत क्लब सदस्य की खुदकुशी मामले में बड़ा खुलासा, नेता, व्यवसायी और एक आइएएस अफसर के लगातार संपर्क में थी खुशी
इंदौर. यशवंत क्लब सदस्य खुशी कूलवाल (37) की खुदकुशी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह कुछ रसूखदारों के अलावा एक आईएएस अफसर और एक वरिष्ठ नेता के भी लगातार संपर्क में थी।
वाट्सऐप पर अफसर के साथ लंबी चेटिंग की भी बात सामने आई है। बड़े नाम सामने आते ही पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी है। फिलहाल मामला टीआई स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है। खुशी के मोबाइल को जांच के लिए सायबर सेल भेजा गया है, जहां से वाट्सऐप चेट सहित सभी डिटेल निकाली जाएगी। हाई प्रोफाइल यशवंत क्लब सदस्य खुशी ने लसूडिय़ा इलाके की हॉरिजोन ओएसिस बिल्डिंग के फ्लैट में फांसी लगा ली थी। हालांकि सुसाइड नोट में उसने मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं बताया है, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हाई प्रोफाइल लाइफ स्टाइल की आदी खुशी कुछ बड़े व्यवसायियों के साथ ही नेताओं और अफसरों से भी सतत संपर्क में थी। सूत्रों के अनुसार, शहर के एक बड़े स्कूल के बोर्ड मेंबर से भी उसका जुड़ाव रहा है। बोर्ड मेंबर आइएएस अफसर के भी करीबी हैं, जिसके फॉर्म हाउस पर वे अक्सर नजर आते रहे हैं। इन्हीं संपर्क के चलते खुशी ने प्रॉपर्टी भी खड़ी कर ली थी। हालांकि बाद में ये लोग उसे गलत काम की तरफ धकेलने लगे, जो वह नहीं चाहती थी। खुशी कुछ समय पहले इन्हीं में से तीन रसूखदारों के साथ गोवा गई थी। वहां के वीडियो भी वायरल हुए थे, जिनका इस्तेमाल पिछले दिनों हुए यशवंत क्लब चुनाव में भी करने की कोशिश की गई थी।
बताते हैं, देर रात तक पार्टियों में रहने की खुशी की आदत से उसकी शादीशुदा जिंदगी उलझ गई थी। विवाद हुए तो वह डिप्रेशन में रहने लगी। इसी के चलते वह कुछ समय अपने मायके में भी रही। बाद में बेटे के लिए वापस पति के पास लौट आई। उनकी फिर नहीं बनी तो मामला पुलिस तक भी पहुंचा। हालांकि वहां ससुराल वालों से समझौता हो गया।
लिव इन पार्टनर गायब
खुदकुशी से पहले खुशी ने चंडीगढ़ निवासी बहन को फोन पर अपनी स्थिति बताई थी। जांच में आया है कि खुशी लिव इन में राहुल नामक युवक के साथ रह रही थी। उससे भी खुशी के विवाद होने लगे। आत्महत्या के एक घंटे पहले भी दोनों में जमकर विवाद हुआ था। घटना के बाद से ही राहुल गायब है। उसके पकड़ में आने पर कई अहम जानकारी सामने आ सकती है।
वॉट्सऐप से निकालेंगे डिटेल
बुधवार को डीआइजी ने केस डायरी लेकर जांच अधिकारी लसूडिय़ा टीआइ संतोष दूधी को बुलाया था। दूधी ने बताया, खुशी के परिवार ने बताया है, वह गलत राह पर चली गई थी। तलाक के बाद डिप्रेशन में थी। उसके नंबर की सीडीआर मांगी गई है। उसके मोबाइल को जांच के लिए साइबर सेल भेजा है। वहां से वाट्सऐप मैसेज व अन्य को निकाला जाएगा।
Published on:
26 Jul 2018 01:56 am
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