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वैकेशन पर आउटिंग के साथ प्रकृति की सेवा

शहर के सोशल ग्रुप्स पिकनिक स्पॉट्स पर चला रहे सफाई अभियान, जयंती माता स्थित जंगल से हटाया 1 टन कचरा

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इंदौर. वैकेशंस को हर कोई अपने अंदाज में मनाता है। कोई फ्रेंड्स के साथ एन्जॉय करता है तो कोई सुकून के पलों को फैमिली के साथ घर में ही बिताता है। शहर में ऐसे कुछ ग्रुप्स भी हैं जो फुर्सत के इन दिनों को प्रकृति की सेवा के नाम कर रहे हैं। ये लोग पिकनिस स्पॉट्स पर जाकर सफाई करते हैं। इसी तरह का एक ड्राइव रविवार को शहर से ९० किमी दूर जयंती माता मंदिर परिसर में हुआ। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर ये क्षेत्र पर्यटन के साथ ही आस्था का बड़ा केंद्र है। सालों से सफाई नहीं होने से जंगल, कुंड आदि क्षेत्रों में कचरा फैल गया था। इसे साफ करने के लिए इंदौर से १० स्वयंसेवियों का दल देवास वन्य क्षेत्र में स्थित इस लोकेशन पर पहुंचा।

घने जंगल, झरने और पानी के कुंड है विशेषता

इंदौर के वाइल्डलाइफ एंड नेचर कंजरवेसी संगठन ने वन विभाग के साथ मिलकर जयंती माता क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। माता मंदिर एक प्राकृतिक रमणीक स्थान है। इसके चारों तरफ घने जंगल हैं। पास में बहते झरने की आवाज थकान को भुला देती है। वन विभाग की अनुमति लेकर ही जंगल को पार किया जा सकता है। यहां जंगली जानवरों का बसेरा भी है। ग्रुप के राजेश मंगल ने बताया कि यहां आसपास स्थित गांव के काफी लोग पिकनिक व माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खाना भी यहीं बनाते है। कचरा और पॉलीथिन बिखरी पड़ी थी। सभी सदस्यों ने इसे साफ करना शुरू किया। सुबह से शाम तक करीब एक टन कचरा साफ किया गया। ग्रुप में स्वप्निल फंसणे, सुरेंद्र बागड़ा, सचिन मतकर, रघुइयर, रितेश खाबिया, रवि शर्मा, संजय जायसवाल, पल्लवी वाजे, सीसीएफ बीएस अन्नागिरि, देवास डीएफओ एमआर बघेल शामिल थे।

सिरपुर में पक्षी देखने पहुंचे, गंदगी देख जुटे सफाई में

इसी तरह शहर के अन्य ग्रुप भी सक्रिय हैं। द नेचर वॉलेंटियर्स के सदस्य सिरपुर तालाब में वर्ड वॉचिंग के लिए पहुंचे, लेकिन यहां लोगों द्वारा की गई गंदगी देख मन दुख गया। संस्था सदस्यों ने बताया कि तालाब किनारे प्लास्टिक सहित अन्य गंदगी भारी मात्रा में थी। इन्हें साफ किया गया। प्लास्टिक की गंदगी से न सिर्फ तालाब को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि यहां आने वाले पक्षी भी इनके शिकार हो रहे हैं।