
textile industry
नई दिल्ली: कहावत है उम्मीद पर दुनिया कायम है, और ऐसी ही एक उम्मीद टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने भी सरकार से लगा रखी है। वो उद्योग जिन्होने लॉकडाउन 2 में रियायत मिलने और काम शुरू करने की उम्मीद पाल रखी है उनमें टेक्सटाइल इंडस्ट्री भी है।टेक्सटाइल इंडस्ट्री फिर से काम शुरू करे इससे पहले पिछले 21 दिनों में इंडस्ट्री को जो नुकसान हुआ इससे उबरना जरूरी है। क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CMAI) का कहना है कि अगर सरकार की ओर से सहयोग और रिवाइवल पैकेज नहीं मिला तो इस सेक्टर में 1 करोड़ नौकरियां जा सकती हैं।
CMAI के चीफ मेंटोर राहुल मेहता ने सरकार से वित्तीय पैकेज की मांग करते हुए कहा कि वेतन सब्सिडी जैसे हस्तक्षेप जरूरी हैं, नहीं तो बड़े पैमाने पर नौकरियां जाएंगी।
7 लाख लोगों को नौकरी देता है सेक्टर-
3700 सदस्यीय CMAI ने 7 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी दी हुई है। लगभग 80 फीसदी टेक्सटाइल इंडस्ट्री में से ज्यादातर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम एंटरप्राइजेज हैं। दरअसल अगर ये इंडस्ट्री काम करना बंद कर देती है तो सिर्फ उत्पादन नहीं बल्कि इससे फैब्रिक सप्लाई इंडस्ट्री से लेकर ब्रांड और जिपर व लेबल इंडस्ट्री तक पूरी वैल्यू चेन प्रभावित होगी । यानि इस एक इडस्ट्री पर निर्भर कई और कारोबार भी तबाह हो जाएंगे।
Updated on:
14 Apr 2020 03:17 pm
Published on:
14 Apr 2020 03:16 pm

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