16 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Coronavirus Lockdown: नुक्कड़ की दुकान बनी वरदान, फटाफट मिल रहा है सामान

ग्रोसरी एप से सामान मंगाने वाले भी राशन और परचून की दुकान से ला रहे हैं सामान लोकल सर्किल ने किया देश के 164 से ज्यादा जिलों में सर्वे, फिर हुआ है खुलासा
2 min read
Google source verification

image

Saurabh Sharma

Mar 25, 2020

grocery shop.jpg

coronavirus lockdown grocery apps suspend orders milk supply effected

नई दिल्ली। आईटी या किसी मल्टी नेशनल फर्म में करने वाले जो ग्रूफर्स, फ्लिपकार्ट, अमेजन साइट से झट से ऑर्डर कर फट से सामान मंगाते थे, वो अब देश में हुए लॉकडाउन की वजह से पड़ोस की दुकान में आटा, दाल, चावल, खाने का तेल आदि खरीदते हुए दिखाई दे रहे हैं। जी हां, इस लॉकडाउन की वजह से घर के जरूरी सामान की उपलब्धता इन ई-कॉमर्स साइट्स काफी कम हो गई है। अगर है भी डिलीवरी समय पर नहीं है। ऐसे में इन एप्स के मुकाबले लोगों के लिए पड़ोस की दुकान वरदान से कम नहीं है। जहां पर सारा सामान फटाफट मिल रहा है। वास्तव में लोकल सर्किल की ओर से किए गए सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है। लोकल सर्वे में देश के 164 से ज्यादा जिलो के 16000 अधिक लोगों को शामिल कराया और रिजल्ट आपके सामने है।

यह भी पढ़ेंः-रिलांयस के दम पर शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन उछाल, सेंसेक्स में 500 अंकों की बढ़त

दो भागों में कराया गयास सर्वे
लोकल सर्किल द्वारा यह सर्वे दो हिस्सों में किया गया है। पहला सर्वे 20 से 22 मार्च के बीच किया गया। दूसरा सर्वे 23 से 24 मार्च के बीच हुआ। पहले भाग की बात करें तो ई-कॉमर्स एप पर आटा, दाल, चावल, नमक जैसे सामान 35 फीसदी लोगों को नहीं मिले। जबकि पड़ोस की दुकान पर जाने वाले 17 फीसदी लोगों को इन सामान से महरूम रहना पड़ा। अब बात सर्वे के दूसरे भाग की बात करें तो ईकॉमर्स एप पर 79 फीसदी लोगों को घर का जरूरी सामान नहीं मिला, जबकि पड़ोस की दुकान से सिर्फ 32 फीसदी लोगों को यह सामान नहीं मिला। जबकि बाकी लोगों को सामान आराम से मिला।

यह भी पढ़ेंः-मार्क जुकरबर्ग और मुकेश अंबानी में हो सकती है रिलायंस जियो को लेकर बड़ी डील

होम डिलीवरी समय पर नहीं
सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार ऐप के जरिए सामान ऑर्डर करने के बाद या तो समय पर मिल नहीं रहा। अगर आ भी रहा है तो पूरा नहीं है। आंकड़ों के अनुसार बीते दो दिनों में ऐप से सिर्फ 21 फीसदी लोगों को सामान समय पर मिला। जबकि 27 फीसदी लोगों को सामान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 21 फीसदी लोगों को सामान ही नहीं पूरा नहीं मिला यानी जितना और जो सामान ऑर्डर किया गया था, या तो उनकी क्वांटिटी कम थी या फिर वो सामान ही नहीं था। वहीं 17 फीसदी लोगों का ऑर्डर ही कैंसल हो गया। अब आप समझ सकते हैं कि ऑनलाइन ऑर्डर किस तरह का हाल हो गया है।

यह भी पढ़ेंः-Coronavirus Lockdown: Indigo Airlines ने अपने कर्मचारियों को दी बड़ी राहत, नहीं काटी जाएगी Salary

मोहल्ले की दुकान में मिल रहा सभी सामान
लोकल सर्किल के सर्वे के अनुसार 38 फीसदी लोगों का कहना है कि मोहल्ले की दुकाने पर रोजमर्रा का सामान आसानी से मिल रहा है। जबकि 30 फीसदी लोगों का कहना है कि कुछ सामानों को छोड़ दिया जाए तो सभी सामान मौजूद है। 12 फीसदी के अनुसार दुकान पर कुछ ही सामान मिला। वहीं 15 फीसदी को अधिकतर सामान नहीं मिला। 5 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्हें जरूरत का कोई भी सामान नहीं मिल पाया।