
E-commerce will create 3 lakh jobs in country before festive season
नई दिल्ली। आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर, ई-टेलिंग की बड़ी कंपनियों जैसे कि अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ-साथ थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स फर्म भी वेयरहाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करके और अतिरिक्त ऑन-ग्राउंड स्टाफ को काम पर रखकर डिलीवरी क्षमताओं को बढ़ा रही हैं। मीडिया में आई एक रिपोर्ट के अनुसार महामारी की वजह से लोगों का भरोसा डिजिटल और ऑनलाइन की ओर से ज्यादा बड़ा है। जिसकी वजह से ऑनलाइन फेस्टिवल सेल्स में ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू आंकड़ा 7 बिलियन डॉलर का छूने की उम्मीद है। साथ ही 3 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद की जा रही है।
फेस्टिव सीजन में दैनिक शिपमेंट में होगा इजाफा
| काल | दैनिक शिपमेंट ग्रोथ ( मिलियन में ) |
| प्रो-कोविड | 3.7 |
| पोस्ट-कोविड | 5.1 |
| फेस्टिव सीजन | 22 |
शिपमेंट में इजाफा होने के आसार
कोरोना वायरस से पूर्व के महीनों में भारत में दैनिक ई-कॉमर्स शिपमेंट 3.7 मिलियन था, जो अगस्त-सितंबर में 5.1 मिलियन हो गया है। फेस्टिव सीजन में दैनिक शिपमेंट 22 मिलियन को छूने की संभावना दिखाई दे रही है। साल भर पहले, दैनिक शिपमेंट 12 मिलियन थी। इस साल बम्पर बिक्री की उम्मीद की जा रही है, ई-टेलर्स मुख्य रूप से सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक कार्यों के लिए हायरिंग करने पर काम कर रही है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फ्लिपकार्ट ने हाल ही में कहा था कि वह अक्टूबर में त्योहारी सीजन से पहले आपूर्ति श्रृंखला संचालन और फ्लैगशिप बिग बिलियन डेज बिक्री कार्यक्रम के लिए 70,000 कर्मचारियों को नियुक्त करेगा।
पिछले साल के मुकाबले बढ़ेगा फेस्टिव सीजन में शिपमेंट
| साल | शिपमेंट की संख्या ( मिलियन में ) |
| 2019 | 95 |
| 2020 | 150 |
कहां कितनी नौकरियां
फ्लिपकार्ट पहले से ही कस्टमर सर्विस, डिलिवरी, इंस्टॉलेशन और सेफ्टी और सैनिटाइजेशन स्टैंडर्ड की ट्रेनिंग देरही है। वहीं अमेजन इंडिया भी सप्लाई चेन कार्यों के लिए हायरिंग कर रहा हैै डिलिवरी को गति देने के लिए अमेजन ने त्योहारी बिक्री से पहले देश भर में 200 नए स्टेशन स्थापित किए हैं। एक रिपोर्ट के अनुमान के अनुसार 60 फीसदी नई भर्ती डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स में होगी, शेष कस्टमर सर्विस और वेयरहाउसिंग कार्यों में की जाएंगी।ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म इस त्योहारी सीजन कुल भर्तियों में 70 फीसदी का योगदान करेंगे। जबकि 30 फीसदी भर्तियां लॉजिस्टिक्स फर्म, जैसेकि डेहलीवरी, ईकॉम एक्सप्रेस और शैडोफैक्स नाम की कंपनियां करेंगी।
टियर 2 सिटी में हुआ शॉपर्स का इजाफा
| सिटी का प्रकार | 2019 में शॉपर्स ( फीसदी में ) | 2020 में शॉपर्स ( फीसदी में ) |
| मेट्रो | 36 | 35 |
| टियर 1 | 20 | 19 |
| टियर 2 | 44 | 46 |
मेट्रो सिटी से टियर 2 सिटी तक
मीडिया रिपोर्ट में रेडसीयर कंसलटिंग के ई-कॉमर्स के निदेशक मृगांक गुटगुटिया ने कहा कि ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स को ग्राहकों की बदलती अपेक्षाओं को पूरा करना होगा। जहां एक ओर मेट्रो सिटी के शॉपर तुरंत डिलीवरी के लिए ज्यादा भुगतान करने से नहीं हिचकिचाते हैं, वहीं दूसरी ओर टियर 1 शहरों के शॉपर्स अच्छी डील के लिए एक या दो दिनों का इंतजार करने को तैयार हैं। इसलिए, ई-कॉमर्स फर्मों को थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स के माध्यम से उम्मीदों को संतुलित करना होगा और हाइपरलोकल डिलीवरी के लिए ट्रायल चलाना होगा। उन्होंने कहा कि त्योहारी मौसम के बाद हाइपरलोकल डिलीवरी का हिस्सा पूरे ई-कॉमर्स शिपमेंट का 10 फीसदी हो सकता है।
Updated on:
1 Oct 2020, 2:29 PM IST
Published on:
1 Oct 2020, 2:22 PM IST
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