
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बीपीसीएल ( BPCL ) समेत पांच कंपनियों के विनिवेश ( disinvestment ) की फैसला किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन कंपनियों में मैनेजमेंट कंट्रोल भी सरकार ने छोडऩे का फैसला किया है। केंद्र सरकार काफी दिनों से इन पांचों कंपनियों के विनिवेश की तैयारी कर रही थी। सरकार का मत है कि इन कंपनियों से सरकार को काफी बड़ा नुकसान है। ऐसे में इन कंपनियों को निजी हाथों में देने का विकल्प बेहतर होगा। आने वाले दिनों में एयर इंडिया सहित बाकी कंपनियों के विनिवेश को भी मंजूरी मिल सकती है।
इन कंपनियों के विनिवेश को मंजूरी
नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन में 100 फीसदी विनिवेश होगा। सरकार ने कॉनकॉर में 30.8 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। बीपीसीएल और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन के अलावा जिन और तीन कंपनियों में विनिवेश का फैसला किया गया है, वे हैं शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और टीएचडीसीआईएल।
बीपीसीएल की पूरी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी बीपीसीएल के विनिवेश से नुमालीगढ़ रिफाइनरी को अलग रखा गया है, इसमें सरकार विनिवेश करेगी। रकार ने बीपीसीएल में 53.29 फीसदी हिस्सेदारी के विनिवेश का फैसला किया है, इसमें नुमालीगढ़ रिफाइनरी की 61 फीसदी हिस्सेदारी शामिल नहीं है।
Published on:
21 Nov 2019 02:42 pm
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