
अब गोबर से किसानों की कमाई होगी दोगुनी, सरकार ने किया ये सफल प्रयोग
नई दिल्ली। गाय, बैल और भैंस का गोबर अब कमाई का अच्छा-खासा साधन बन सकता है क्योंकि सरकार ने गोबर से कागज बनाने का सफल प्रयोग कर लिया है। देशभर में गोबर से कागज का उत्पादन करने के प्लांट लगाने की योजना तैयार की जा रही है। एमएसएमई मंत्रालय के तहत काम करने वाले खादी ग्रामोद्योग की यूनिट केएनएचपीआई ने गोबर से कागज का उत्पादन भी शुरू कर दिया है।
किसानों की आय होगी दोगुनी
ग्रामोद्योग के चेयरमैन वी.के. सक्सेना ने बताया कि यह स्कीम किसानों की आय को दोगुना करने के लिए लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कागज और विजिटेबल डाई बनाने के लिए सरकार 5 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किसानों से गोबर खरीदेगी। एक जानवर एक दिन में 8-10 किलोग्राम गोबर करता है।
वेजिटेबल डाई बनाने का काम भी होगा शुरू
सक्सेना ने बताया कि गोबर से कागज बनाने के साथ वेजिटेबल डाई बनाने का भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोबर में से कागज बनाने लायक सिर्फ 7 फीसदी मैटेरियल निकलते हैं। बाकी के 93 फीसदी का इस्तेमाल वेजिटेबल डाई बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा।
पूरे भारत में लगेंगे प्लांट
इसके साथ ही सक्सेना ने ये भी बताया कि गोबर से पेपर बनाने के प्लांट देश भर में लगाने की योजना है। उन्होंने बताया कि केवीआईसी के जयपुर स्थित केएनएचपीआई प्लांट में अगले 15-20 दिनों में गोबर से कागज बनाने का काम आरंभ हो जाएगा।
प्लांट लगाने में 15 लाख का आएगा खर्च
गोबर से कागज बनाने वाले प्लांट लगाने में 15 लाख रुपए खर्च होंगे। एक प्लांट से एक माह में 1 लाख कागज के बैग बनाए जा सकते हैं।
Published on:
27 Nov 2018 11:08 am
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