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2000 रुपए की मधुमक्‍खी ने कर दिया ऐसा काम, जिसे रेलवे के बड़े अधिकारी भी नहीं कर पाए

भारत में अभी भी कई ऐसे रेलवे ट्रैक हैं जहां ट्रेन से टकराकर हाथियों की दर्दनाक मौत हो जाती है। ये मौत इस मायने में भी नुकसानदायक है कि एक हाथी की मौत से बेहद नुकसान होता है।

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2000 रुपए की मधुमक्‍खी ने कर दिया ऐसा काम, जिसे रेलवे के बड़े अधिकारी भी नहीं कर पाए

नई दिल्‍ली। भारत में अभी भी कई ऐसे रेलवे ट्रैक हैं जहां ट्रेन से टकराकर हाथियों की दर्दनाक मौत हो जाती है। ये मौत इस मायने में भी नुकसानदायक है कि एक हाथी की मौत से बेहद नुकसान होता है। एक प्रजाति का भी और रेलवे का भी। साल 2014 से 2016 के दौरान रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों से टकराने के कारण 35 हाथियों की मौत हुई। इन हादसों को रोकने और हाथियों को रेलवे ट्रैक से दूर रखने के लिए भारतीय रेलवे ने बहुत उपाय किए मगर वो कामयाब नहीं रहे। लेकिन अब भारतीय रेलवे ने एक अनोखा उपाय निकाला है। जिसे Plan Bee नाम दिया गया है। जिसके बाद रेलवे हाथियों की मौत रोकने में सफल रहा है।

ये है रेलवे का प्लान
दरअसल, रेलवे ने हाथियों को ट्रेन हादसों से बचाने के लिए Plan Bee के तहत रेलवे-क्रासिंग पर ऐसे ध्वनि यंत्र लगाए हैं। जिनसे निकलने वाली मधुमक्खियों की आवाज से हाथी रेल पटरियों से दूर रहते हैं और ट्रेन हादसों की चपेट में आने से बचते हैं। दिलचस्‍प बात ये है कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

इतनी है कीमत
Plan Bee की सफलता की जानकारी खुद रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर दी। साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में बताया गया है कि इस डिवाइस की कीमत 2000 रुपए है। गोयल ने अपने ट्विट में कहा है कि अभी ये डिवाइस गुवाहटी के पास लगाए गए हैं और यह प्‍लान पूरी तरह सफल रहा। इससे न केवल हाथियों के घायल होने का सिलसिला थमा है बल्कि ट्रेनें भी नहीं रुकेंगी। हाथियों को भगाने के लिए जिस डिवाइस का इस्तेमाल हो रहा है उसकी आवाज 600 मीटर दूर तक जाती है। हाथी जैसे ही पटरियों की ओर रुख करते हैं तो आवाज सुनकर वे उल्‍टे पांव वापस हो जाते हैं।